शाहजहांपुर। रोजा थाना क्षेत्र की मठिया कॉलोनी निवासी मूंगाराम के पुत्र वेदपाल (17) की सोमवार सुबह हृदयगति रुक जाने से मौत हो गई। वह सेना में भर्ती करने के लिए तैयारी कर रहा था। रेलवे मैदान में दौड़ते समय अचानक गिर गया। राजकीय मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मजदूरी करने वाले मूंगालाल का बेटा वेदपाल रेलवे इंटर कॉलेज में कक्षा दस का छात्र था। वह सेना में जाने के लिए रोज रेलवे ग्राउंड में दौड़ लगाने जाता था। सोमवार सुबह छह बजे रेलवे मैदान में वह अपने साथियों के साथ दौड़ रहा था। दौड़ते समय अचानक उसके सीने में दर्द होने लगा। तबीयत बिगड़ने साथियों ने तुरंत डॉयल 112 को सूचना दी। पुलिस उसे गंभीर हालत में राजकीय मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची। यहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों को डॉक्टर ने हार्टअटैक के चलते मौत होना बताया है।
बेटे को सेना की वर्दी में देखने का सपना रह गया अधूरा
शाहजहांपुर। मजदूरी करने वाले मूंगालाल ने बेटे को सेना की वर्दी में देखने का सपना संजोया था। उसकी दौड़ लगाने के दौरान हुई मौत के बाद वह शव देखकर बिलख पड़े।
वेदपाल का हंसता-खेलता परिवार था। दो बेटे गोपाल व वेदपाल थे व बेटी राधा है। वेदपाल सबसे छोटा था। पढ़ने में मेधावी होने के चलते मूंगालाल कश्यप का सपना था कि वह उसे सेना में अफसर बनाएं। पिता के सपने को पूरा करने के लिए वेदपाल भी पूरी तन्यमता से जुटा था। मूंगालाल कश्यप और रामा देवी का सबसे बड़ा पुत्र गोपाल हरियाणा के बहादुरगढ़ की चप्पल कंपनी में काम करता है। उसके साथ मां रामा देवी भी रहती है। सबसे छोटा बेटा वेदपाल, बहन राधा अपने पिता मूंगालाल के साथ यहां रोजा में रहते थे। मूंगालाल का सपना वेदपाल को सेना में भेजने का था। लिहाजा, वह खुद सुबह जल्दी उठकर बेटे को जगा देते थे। उसके बाद वेदपाल को दौड़ लगाने भेजते थे। वेदपाल भी आर्मी में भर्ती होने के लिए पूरी तरह से तैयार था। वह अपने दोस्तों से कहता था कि फिजिकल टेस्ट पास हो जाए तो सेना में नौकरी पक्की हो जाएगी। बेटे की मौत की खबर के बाद मां रामा देवी और भाई गोपाल भी दिल्ली से पहुंच गया। शव को देखकर दोनों बिलख पड़े। रामा देवी रोते-रोते बेहोश हो गईं।