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संघर्ष और लगन ने छोटे परदे पर दिलाई पहचान

Sat, 14 May 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
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संघर्ष और लगन ने छोटे परदे पर दिलाई पहचान
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कहते हैं कि यदि मनुष्य अपने काम के प्रति ईमानदार हो जाए तो कामयाबी उसके कदम चूमने लगती है। कड़ी मेहनत और संघर्ष करने की क्षमता उसे फल जरूर देते है। अब अपने शहर के शमसुद्दीन उर्फ सोनू को ही लें, मेहनत और लगन ने छोटे परदे पर उन्हें जो पहचान दिलाई है, उससे उनके हौसले बुलंद हो गए हैं। एक-दो नहीं, बल्कि एक दर्जन से अधिक नामी-गिरामी धारावाहिकों में सोनू कई जीवंत किरदार निभा चुके हैं। चार-छह दिन की छुट्टियों में घर आए सोनू से अमर उजाला ने कार्यालय में बात की। सोनू ने बताया कि पिछले एक साल से वह मुंबई में शूटिंग में व्यस्त और मस्त हैं। सोनी चैनल पर प्रसारित होने वाले धारावाहिक भंवर में उन्हें पहली बार काम करने का मौका मिला, जिसमें उन्हें बतौर स्पॉट ब्वॉय का किरदार मिला। इसके बाद ये हैं मोहब्बतें में गुंडा का दमदार रोल मिला, थपकी प्यार की सीरियल में रेफरी, कुछ रंग प्यार के ऐसे भी में ऑटो चालक, जी टीवी के धारावाहिक कुमकुम भाग्य में गुंडा, लाइफ ओके के सीरियल कलश में चरन सिंह, मेरी आशिकी तुमसे है में डॉक्टर, तू मेरा हीरो आदि सीरियल में वह अभिनय कर छाप छोड़ चुके हैं। थिएटर में शहर की अभिव्यक्ति नाट्य संस्था के महासचिव शमीम आजाद और स्क्रीन में नसीरुद्दीन शाह से प्रभावित सोनू शहर के मोहल्ला शाहवाजनगर सैनिक कालोनी निवासी नबी रसूल और आमना बेगम के तीसरे नंबर की संतान हैं। तीन भाई और तीन बहनों में सोनू ने ओसीएफ इंटर कॉलेज से हाई स्कूल तक उसके बाद दिल्ली से इंटर और कानपुर से स्नातक की शिक्षा हासिल की और काम की तलाश में मुंबई निकल गए। उन्होंने शमीम आजाद के साथ कई नाटकों में अभिनय किया। सोनू के पिता ओसीएफ में कर्मचारी थे। टीवी के पहले रियलिटी शो बिग फेम अवार्ड में भी उन्हें अभिनय दिखाने का मौका मिला। सोनू बताते हैं कि अब उन्हें ये कहां आ गए हम नामक सीरियल में भी काम करने का मौका मिला है, जिसकी शूटिंग मुंबई में जल्द शुरू होने वाली है।
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