जिला प्रशासन ने शहर की यातायात व्यवस्था एवं सुरक्षा तंत्र को चुस्त - दुरुस्त करने के लिए कुछ अहम फैसले लिए हैं। शहर में अराजकत तत्वों और खुराफातियों पर पैनी निगरानी के लिए एवं जुलूसों या संवेदनशील हालात के दौरान कड़ी निगहबानी के लिए ड्रोन कैमरा इस्तेमाल में लाया जाएगा। इसे करीब साढ़े आठ लाख रुपये में खरीदा जाएगा। यातायात प्रबंधन एवं सुरक्षा संबंधी इस परियोजना के लिए प्रशासनिक स्तर पर पहले चरण में कुल 25 लाख रुपये की राशि खर्च होगी। इससे शहर के छह चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम और वायरलेस सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। इसके अलावा बैंकों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भी अपने - अपने यहां दो कैमरे लगाने को कहा गया है। इनमें एक भीतर और दूसरा बाहर की ओर लगाना है। पुलिस लाइन में एसपी डॉ. मनोज कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई बैठक में इस संबंधी सैद्धांतिक फैसला लिया गया। बीते होली के जुलूस के दौरान निगरानी के लिए जिला प्रशासन ने बरेली से किराए पर ड्रोन कैमरा किराए पर मंगवाया था। अब इसे स्थायी रूप में इस्तेमाल करने के लिए खरीदना तय हुआ है। कमिश्नर के यहां 18 मई को प्रस्तावित बैठक में इस परियोजना को स्वीकृति मिलते ही कैमरों की खरीद और इनस्टालेशन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। शहर में पहले चरण में जिन स्थानों पर वायरलेस सीसीटीवी कैमरे के साथ ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम लगाए जाएंगे, उनमें केरुगंज चौराहा, बरेली मोड़, हरदोई मोड़, हथौड़ा चौराहा, अशफाक नगर चौकी और कलेक्ट्रेट के पीछे जीआईसी तिराहा शामिल हैं। शहर में इस समय कुल 31 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं जिनमें 12 वायरलेस कैमरे ही संचालित हैं। केबल कनेक्शन से कंट्रोल रूम से जुड़े अन्य 19 कैमरे ठप पड़े हैं क्योंकि उनके केबल क्षतिग्रस्त हो गए हैं या फिर जहां - तहां नुच गए हैं। बैठक में डीएम की ओर से इस परियोजना के नोडल अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट नरेंद्र सिंह के अलावा एसपी सिटी राजेश कुमार, नगरपालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी मुनेंद्र सिंह राठौर, कैंट बोर्ड सीईओ ज्योति कुमार, पीडबल्यूडी एक्सीयन वीके गुप्ता, हाईडिल एक्सीयन विवेक पटेल, एआरटीओ शिखर ओझा, डिप्टी कलक्टर जय प्रकाश, सीओ सदर अनुराग दर्शन आदि मौजूद थे।