रात में होने वाली बिजली कटौती से बेहाल शहरी बाशिंदों को सोमवार दोपहर तेज आंधी आने के बाद फिर से बिजली संकट का सामना करना पड़ा। दोपहर एक बजे अचानक तेज हवा चलने के साथ आसमान पर धूल का गुबार छाने से अंधेरा छा गया। इस दौरान कई स्थानों पर बिजली की 11 केवी लाइनें तार आपस में टकराने से ट्रिप होने लगीं। लाइनों को शार्ट सर्किट से टूटने से बचाने के लिए शहर के अधिकांश फीडर बंद कर दिए गए। करीब आधा घंटे बाद सप्लाई चालू हुई, लेकिन कुछ ही देर बाद दोपहर की कटौती लागू हो गई। शनिवार को सुबह आई आंधी से शहर के बिजली नेटवर्क को ज्यादा क्षति नहीं पहुंची, लेकिन ग्रामीण अंचल में कई स्थानों पर लाइनों के ऊपर पेड़ की डालें टूटकर गिरने और पोल तिरछे होने से कई लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। यही नहीं, तारों के आपस में टकराने से शार्ट सर्किट से भी कई स्थानों पर तार टूटकर धराशायी हो गए। यही वजह रही कि सोमवार को दोपहर आंधी के साथ आसमान पर धूल का गुबार उमड़ते ही बिजली लाइनों को शार्ट सर्किट से बचाने के लिए सभी सब स्टेशनों के सारे फीडर कुछ देर को बंद कर दिए गए। लाइनों को आंधी से बचाने का यह तरीका कारगर साबित हुआ। हवा का वेग थमने पर फीडर चालू करने के साथ अधिकांश लाइनों पर बिजली सप्लाई चालू हो गई। इससे लोगों को काफी राहत मिली क्योंकि उन्हें आंधी से बिजली नेटवर्क को नुकसान पहुंचने और बदले में बिजली संकट मिलने की आशंका मिट गई। यह अलग बात रही कि कुछ देर बाद ही दोपहर के समय होने वाली दो घंटे की कटौती लागू कर दी गई। एक्सईएन सिटी विवेक पटेल के अनुसार आंधी से बिजली नेटवर्क सुरक्षित रहने के कारण समय से बिजली सप्लाई देना संभव हो सका।
पांच घंटे बंद रहा बहादुरगंज फीडर
भीषण गर्मी में केबिल वाली बंच लाइनें डालने का काम संबंधित क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर बेहद भारी पड़ रहा है। सोमवार को इसी वजह से बहादुरगंज फीडर दिन में 11 बजे से लेकर शाम चार बजे तक बंद रहा। इस कारण बहादुरगंज मेन मार्केट सहित गल्ला मंडी, सिविललाइंस साउथ आंशिक, सेठ एन्क्लेव, जेल रोड पर खिरनीबाग चौराहा से लेकर कृष्णानगर तक बिजली सप्लाई ठप रही। बहादुरगंज बिजली उपकेंद्र के प्रभारी अवर अभियंता शैलेंद्र पांडेय के अनुसार जेल रोड पर कृष्णानगर से लेकर इस्लामियां कालेज तिराहे तक कटिया से बिजली चोरी रोकने के लिए बंच लाइन डालने का काम पूरा कर लिया गया।