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Shahjahanpur News: छुट्टा पशुओं से हाईवे बने खतरनाक, प्रशासन के दावों की पोल खोलते हालात

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जैतीपुर-दातागंज हाईवे पर गांव गौहावर के पास गोवंशीय पशुओं का झुंड। संवाद
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शाहजहांपुर। बरसात में जिले से गुजरने वाले लगभग हर हाईवे पर गोवंशीय पशु नजर आ रहे हैं। ये वाहन चालकों के लिए खतरा बने हुए हैं और प्रशासन के गो संरक्षण के दावों की पोल खोल रहे हैं। कई लोगों की अब तक जान जा चुकी है। कुछ दिन बाद सावन शुरू होने वाले हैं। बढ़ी संख्या में कांवड़िये हाईवे से गुजरेंगे। ऐसे में हादसा होने की आशंका और बढ़ जाएगी। इसकी विपरीत प्रशासनिक अफसरों का दावा है कि छुट्टा पशुओं को पकड़ने का लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
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निराश्रित गोवंशीय पशुओं के लिए सरकार करोड़ों रुपये का बजट खर्च कर रही है। पशुओं को पकड़कर गोआश्रय पहुंचाने के लिए पशु चिकित्सा विभाग के साथ निकायों को जिम्मेदारी दी गई है। बरेली मार्ग, कांट-जलालाबाद मार्ग, पुवायां मार्ग, निगोही मार्ग, कुर्रियाकलां मार्ग, जैतीपुर मार्ग आदि पर निराश्रित पशुओं के झुंड घूमते हुए देखे जा सकते हैं। बारिश के मौसम के चलते रात में अधिकतर पशु सड़कों पर आकर बैठ जाते हैं। अंधेरे में पशु दिखाई नहीं देने पर हादसा हो जाता है।

शिकायत होने पर ही होती है कार्रवाई
पुवायां। अधिकारी दावा करते हैं कि छुट्टा पशु गोशालाओं में भिजवाए गए हैं, लेकिन दावों से उलट पशुओं के झुंड हाईवे, कस्बों, गांवों और खेतों में घूम रहे हैं। ऐसे में अधिकारियों का रवैया भी सवालों में है।
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गांव सतवां बुजुर्ग में 12 जून को प्रदीप मिश्रा के बेटे को सांड़ ने उठाकर पटक दिया था। प्रदीप मिश्रा की शिकायत पर नौ जुलाई को ग्राम विकास अधिकारी दीपक कुमार सक्सेना को निलंबित किया गया। तीन जुलाई की रात गांव गंगसरा के पास कार सांड़ से टकराने के बाद बाइक से टकरा गई थी। हादसे में गांव बसखेड़ा बुजुर्ग के श्यामवीर सिंह की मौत होने के बाद किसी पर कार्रवाई नहीं की गई। 10 जुलाई को पुवायां के राजीव चौक पर थाना आरसी मिशन के गांव ऊधौपारा के मुनेश्वर को सांड़ ने पटककर मार डाला। बावजूद इसके इन घटनाओं से सबक नहीं लिया गया।
अब भी पुवायां के मुख्य चौराहे राजीव चौक पर दिन भर सांड़ घूमते देखे जा सकते हैं, कस्बे के मोहल्लों और गलियों में हाल और भी खराब हैं। पुवायां-खुटार के बीच हाईवे पर पांच जगहों पर शाम होते ही सांड़ों के झुंड आ जाते हैं। यहीं हाल शाहजहांपुर, बंडा और निगोही मार्ग का भी है। एसडीएम सदानंद सरोज ने बताया कि छुट्टा पशुओं और सांड़ पकड़ने के लिए पत्र जारी किया गया है। सौ से अधिक पशुओं को पकड़कर गोशाला भिजवाया जा चुका है। संवाद

ये भी जानें
- 18 वृहद गो संरक्षण केंद्र संचालित
- 147 गोवंश आश्रय स्थलों में 21929 पशु संरक्षित
- 9619 गोवंशीय पशु सहभागिता योजना के तहत सुपुर्द किए गए
- छह वृहद गोवंश आश्रय स्थल निर्माणाधीन
- सात वृहद गोवंश आश्रय स्थलों को बनाने की शासन से मिली स्वीकृति

जनपद के सभी 15 विकासखंडों में रोजाना लगभग सौ गोवंशीय पशुओं को पकड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। इसकी रोजाना समीक्षा की जाती है। सोमवार और मंगलवार को पूरे जनपद में चिह्नित किए गए स्थानों पर पुलिस, ब्लॉक और पशु चिकित्सा विभाग की टीमें पशुओं को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाएंगी।



- उत्कर्ष द्विवेदी, सीडीओ

गोवंशीय पशुओं को पकड़ने के लिए जनपद में 25 टीमें लगाई गई हैं। रोजाना 20 से 25 पशु पकड़े जा रहे हैं। गोशालाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। सावन से पहले सभी हाईवे से पशुओं को हटा दिया जाएगा।
- राजेंद्र प्रताप, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी

जैतीपुर-दातागंज हाईवे पर गांव गौहावर के पास गोवंशीय पशुओं का झुंड। संवाद

जैतीपुर-दातागंज हाईवे पर गांव गौहावर के पास गोवंशीय पशुओं का झुंड। संवाद

जैतीपुर-दातागंज हाईवे पर गांव गौहावर के पास गोवंशीय पशुओं का झुंड। संवाद

जैतीपुर-दातागंज हाईवे पर गांव गौहावर के पास गोवंशीय पशुओं का झुंड। संवाद

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