मघईटोला स्थित एसटीपी में चल रही जल शोधन की प्रक्रिया। संवाद
शाहजहांपुर। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) जल निगम और नगर निगम के बीच संचालन को लेकर उलझ गया है। करीब तीन माह पहले नगर निगम को हैंडओवर किए जाने के बावजूद बजट और प्रशिक्षित स्टाफ की व्यवस्था न होने से इसका संचालन जल निगम की ओर से कराया जा रहा है। 40 एमएलडी क्षमता वाले प्लांट में फिलहाल 20 एमएलडी पानी का ही शोधन हो रहा है।
शहर के सेंट्रल जोन में जल निगम ने 167 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाने का काम 28 अप्रैल 2026 को पूरा किया था। परियोजना पर करीब 3 अरब 77 करोड़ 51 लाख 48 हजार रुपये खर्च हुए। इसके साथ मघईटोला में करीब 62 करोड़ रुपये की लागत से एसटीपी बनाया गया। 28 अप्रैल को इसे नगर निगम को हैंडओवर किया गया था। इसके संचालन की जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी पीसीबीएल को दी गई थी, लेकिन 27 जुलाई को उसका कार्यकाल पूरा होने के बाद दोबारा नगर निगम को हैंडओवर कर दिया गया।
नगर निगम के पास संचालन के लिए बजट और प्रशिक्षित स्टाफ नहीं होने से जल निगम ही प्लांट चला रहा है। तकनीकी जानकारी के लिए जलकल विभाग के दो जेई और एक एई को प्रशिक्षण लेने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन संबंधित अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। ऐसे में पीसीबीएल एजेंसी अब भी संचालन कर रही है।
29 हजार घरों को सीवर कनेक्शन का दावा
जल निगम के अनुसार सेंट्रल जोन में 167 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाने के बाद पहले 48 हजार घरों को कनेक्शन देने का लक्ष्य था, जिसे घटाकर 29 हजार कर दिया गया। अधिकारियों का दावा है कि सभी 29 हजार घरों को सीवर लाइन से जोड़ा जा चुका है।
27 जुलाई 2026 को एसटीपी नगर निगम को हैंडओवर कर दिया गया था। बजट नहीं होने के कारण जल निगम की ओर से इसका संचालन कराया जा रहा है। सीवर कनेक्शन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शेष कनेक्शन कराने की जिम्मेदारी नगर निगम की है।
- मोहम्मद अयाज, अधिशासी अभियंता, जल निगम