शाहजहांपुर। मई माह में छह बार आई आंधी में बिजली के करीब 841 खंभे टूट गए। ऐसे में कई इलाकों में खंभे नहीं लगने से बिजली का संकट अब भी बरकरार हैं। परौर, बादशाहनगर, जैतीपुर समेत कई ग्रामीण क्षेत्र में खंभों के अभाव में भीषण गर्मी में लोगों को बिजली नहीं मिल पा रही है। दूसरी ओर जेई खंभों के अभाव और ठेकेदारों की मनमानी से परेशान हैं।
भीषण गर्मी में आंधी और बारिश ने लोगों को थोड़ा सुकून जरूर दिया, लेकिन बिजली के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया। 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आई आंधी ने ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। पेड़ों की डाल बिजली की लाइनों पर गिरने से खंभे टूट गए और ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त होकर जमीन पर गिर गए। इसके चलते गुल हुई बिजली अब तक कई इलाकों में बहाल नहीं हो सकी है।
जैतीपुर के छेदा पट्टी, खेड़ा रठ, वंडिया खुर्द, भरई गांव में आंधी में टूटे खंभे अब तक नहीं लग पाए हैं। इन गांवों के लोगों को मोबाइल फोन तक चार्ज करने दूसरे गांव जाना पड़ता है। तमाम लोगों ने सौर ऊर्जा का सहारा लिया है। परौर में 26 मई को आई आंधी में दो खंभे टूटे तो मंझा, हैदलपुर गांव की आपूर्ति बाधित है।
इसी तरह शहर से सटे बादशाहनगर में जमुही से रामापुर होते हुए कनेंग की लाइन पर 25 खंभे टूटने से पूरा उपकेंद्र ही ठप पड़ा है। पांच दिन से लोगों को बिजली मिलना मुश्किल हो गया है। जिसके चलते 110 गांवों में अंधेरा है। यहां खंभे मिल गए हैं, लेकिन ठेकेदार की मनमानी के चलते कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा है। इसी तरह तिलहर, चिनोर, अटसलिया समेत कई इलाके के गांव भी बिजली संकट से जूझ रहे हैं।
इनपुट
-04 मई को 11 केवीए के 41 खंभे टूटे और 11 ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त हुए।
-07 मई को जमौर में 15, जैतीपुर में 16 समेत 50 खंभे टूटे।
-12 मई को ग्रामीण इलाकों में 100 खंभे टूटे।
-13 मई को 300 खंभे टूटकर गिर गए।
-26 मई को 350 खंभे टूटे और लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं।
तेज आंधी में बिजली गुल, कांट में 15 घंटे बिजली रही गुल
बृहस्पतिवार की रात आई तेज आंधी के कारण शहर में करीब एक घंटे तक ब्लैकआउट रहा। इसके चलते लोगों को भीषण गर्मी में दुश्वारियां उठाना पड़ीं। हालांकि, कहीं कोई बड़ा फॉल्ट नहीं होने से आपूर्ति बहाल कर दी गई। कांट में आंधी के दौरान बड़ी लाइन में फाॅल्ट होने से बिजली प्रभावित रही। इसके चलते करीब 15 घंटे तक बिजली गुल रही। सुबह नौ बजे बिजली आने से लोगों ने राहत की सांस ली। जेई रामसुरेश के अनुसार, 33 केवीए लाइन में फॉल्ट आया था।
कुर्रियाकलां में चौहनापुर फीडर, कुर्रिया फीडर, निकरा फीडर की 11 केवीए लाइन आंधी में टूट गई। जेई ने अपनी टीम के साथ रात में ही पेट्रोलिंग कर फॉल्ट तलाश किया। इसके बाद तीनों फीडर की एचटी लाइन पर गिरे पेड़ों को काटा गया। शाम पांच बजे लगभग 20 घंटे बाद भी बिजली नहीं आने से लोग परेशान रहे। जेई ब्रजेश निषाद ने बताया कि लगभग 20 से 25 खंभे टूटे हैं।
जिले में आंधी के कारण ग्रामीण इलाकों में कुछ जगह पर कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है। खंभे स्टोर में पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं। संबंधित जेई को उपलब्ध कराकर जल्द ही आपूर्ति बहाल की जाएगी।
-आरपी सिंह, प्रभारी एसई, बिजली निगम
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खंभे लगाने गई टीम को ग्रामीणों ने रोका, नोकझोंक हुई
भावलखेड़ा। गांव चौढेरा में आंधी के दौरान क्षतिग्रस्त हुई विद्युत लाइन सही करने और खंभे लगाने गई टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। वहां लोगों ने अपने खेत और घर के ऊपर से तार निकलवाने से इन्कार कर दिया। इसे लेकर जमकर नोंकझोंक हुई। सूचना पर आरसी मिशन पुलिस भी मौके पर आ गई, लेकिन वे नहीं माने। विद्युत निगम की टीम और पुलिस को बैरंग होना पड़ा।
हाल ही में आई आंधी के चलते गांव चौढेरा में विद्युत तार और खंभे क्षतिग्रस्त हो गए थे। शुक्रवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे बादशाहनगर उपकेंद्र पर तैनात जेई अरविंद कुमार व टीजी टू मंजेश यादव लाइन डलवाने के लिए टीम समेत पहुंचे। यहां दो लोगों ने अपने घर और खेत के ऊपर से तार निकलवाने से इन्कार कर दिया। टीम ने समझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। सूचना पर आरसी मिशन पुलिस मौके पर आ गई।
पुलिस ने भी विरोध कर रहे लोगों को समझाया। वह लाइन बिछवाने को तैयार नहीं हुए। उप खंड अधिकारी अभिषेक दुबे ने बताया कि लाइन पूर्व की तरह ही बिछाई जा रही थी। जिसका कुछ लोगों ने विरोध किया है। फिलहाल काम रुकवा दिया गया है। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। संवाद
आंधी के दौरान कुर्रिया कलां में गिरा खंभा और ट्रांसफॉर्मर। स्रोत: जागरूक पाठक