शनिवार को देर रात आंधी के साथ शुरू हुई मूसलाधार बारिश का दौर रविवार को दिन निकलने तक जारी रहने से बिजली नेटवर्क तहस-नहस हो गया। कैंट इलाके के एमईएस कैंपस में गोविंदगंज-बहादुरगंज सब स्टेशन की 33 केवी लाइन पर चार पेड़ टूटकर गिर गए। उधर, बहादुरगंज से हथौड़ा सब स्टेशन जाने वाली 33 केवी लाइन लोधीपुर में पेड़ की डाल टूटकर गिरने से डैमेज हो गई। इससे पहले, शनिवार को देर रात निगोही-ककरा कलां के बीच 33 केवी लाइन के फ्यूज उड़ गए। दोपहर बाद जैसे-तैसे लाइनेें ठीक करके बिजली सप्लाई चालू की गई, लेकिन इसी बीच मुल्लाखेल में 250 केवी ट्रंासफार्मर के केबिल जल गए। इन खराबियों के कारण शहर में रात भर ब्लैक आउट की स्थिति बनी रही।
पेड़ों में उलझ गए 33 केवी लाइन के तार
शनिवार को देर शाम बारिश शुरू होने से पहले हवा के तेज झोंकों से इमली रोड पर एमईएस कैंपस में लगे शीशम के पुराने पेड़ जड़ों के पास मिट्टी गीली होने के कारण उखड़ने लगे। इसी कैंपस से होकर गुजरी चिनौर-गोविंदगंज सब स्टेशन के बीच की 33 केवी लाइन पर पेड़ की डालें गिरीं तो लाइन के तार कई जगह टूटकर डालों में उलझ गए। चूंकि, इसी लाइन से बहादुरगंज सब स्टेशन को बिजली मिलती है। इसलिए लाइन छिन्न-भिन्न होते ही शहर के दोनों सब स्टेशनों की बत्ती गुल हो गई।
हथौड़ा-बहादुरगंज लूप लाइन पर कहर बनी आंधी
बहादुरगंज सब स्टेशन के कई फीडरों को वैकल्पिक बिजली देने के लिए वहां से लेकर हथौड़ा सब स्टेशन तक डाली गई 33 केवी लूप लाइन पर भी आंधी कहर बनकर टूटी। तेज हवा और बारिश के दौरान इसी लाइन पर लोधीपुर के पास एक पेड़ की डाल टूटकर गिरने से लाइन के तार शार्ट सर्किट से आपस में टकराकर चिनगारियां छोडने के बाद जमीन पर धराशायी हो गए। इस लाइन के डैमेज होने से बहादुरगंज सब स्टेशन से जुड़ा इलाका पूरी तरह अंधेरे में डूब गया।
गदियाना में फिर क्रॉसओवर पर गिरी बिजली
गदियाना में शनिवार को देर रात करीब साढ़े 11 बजे निगोही रोड सब स्टेशन के लिए चिनौर से निकली 33 केवी लाइन के ऊपर से गुजरी ककरा कलां और अब्दुल्लागंज सब स्टेशनों वाली 33 केवी लाइन के तार तेज हवा से टकराकर टूटे और नीचे वाली लाइन पर जा गिरे। नतीजा यह हुआ कि दोनों लाइनें क्षतिग्रस्त होने से तीनों सब स्टेशनों के इनकमिंग फीडर बंद हो गए।
बारिश ने फाल्ट ठीक होने में डाली बाधा
आंधी और पानी के बीच हुए लाइन फाल्ट ठीक कराने का काम एसडीओ इंद्रराज यादव ने दिन में 11 बजे शुरू कराया क्योंकि पूरी रात और दिन में दस बजे के बाद तक बरसात होती रही। हालांकि, लाइन स्टाफ जिस समय काम में जुटाया गया, उस वक्त भी रिमझिम फुहारों का दौर जारी रहा। इस कारण काम में काफी बाधा पड़ी। पेड़ों में उलझे तार निकालने के लिए मजदूर जुटाकर डालें कटवाई गईं।
बारी-बारी से शुरू हो सकी बिजली आपूर्ति
मौसम की मार से खराब हुए पॉवर नेटवर्क को सुधारने में दोपहर के दो बज गए। सबसे पहले निगोही रोड-ककरा कलां सब स्टेशन की 33 केवी लाइनें अलग करके उन्हें चालू किया गया। बाद में गोविंदगंज और सबसे आखिर में हथौड़ा-बहादुरगंज सब स्टेशनों वाली 33 केवी लाइन में करंट दिया गया। ऐसा इसलिए किया गया कि सिटी के फीडर ओवरलोडिंग से ट्रिप नहीं हों। इस तरह शहरी क्षेत्र के लोगों को करीब 14 से 16 घंटे तक बिजली को तरसना पड़ा।
मुल्लाखेल में तेज धमाके से जले ट्रांसफार्मर के केबिल
बिगड़े नेटवर्क को काम लायक बनाने में काफी सावधानी बरते जाने के बावजूद बिजली सप्लाई शुरू होते ही ओवरलोडिंग से खराबियां पैदा होने लगीं। इसकी शुरुआत मोहल्ला मुल्लाखेल में डॉन एंड डोना कान्वेंट वाली गली के मुहाने पर रखे 250 केवी ट्रांसफार्मर की केबिलें जलने से हुई। बाद में बाला तिराही, बिजलीपुरा और खलील शर्की के ट्रांसफार्मरों पर भी यही समस्या पैदा हो गईं।
पेड़ गिरने से बिजली सप्लाई 24 घंटे से ठप
जलालाबाद। शाहजहांपुर से जलालाबाद बिजली उपकेन्द्र को आई लाइन के तार पर कांट क्षेत्र के कमलनयनपुर गांव के पास शनिवार शाम तेज हवा के चलते पेड़ गिर पड़ा, जिससे तार टूट गया और बिजली सप्लाई ठप हो गई जो रविवार शाम तक शुरू नहीं हो सकी। लगातार 24 घंटे सप्लाई न मिलने से लोगों को तरह तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि यदि अब तक नये बिजली उपकेन्द्र का जुड़ाव तिलहर से कर दिया जाता तो मौजूदा स्थिति में बिजली सप्लाई ठप नहीं रहती।