वार्षिक टर्न ओवर के आधार पर जीएसटी लिए जाने का ईंट भट्ठा संचालकों ने विरोध करते हुए बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। बाद में ईंट निर्माता कल्याण समिति का शिष्टमंडल एडीएम वित्त एवं राजस्व सर्वेश कुमार मिला। उन्होंने एडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर ईंट भट्ठा व्यवसाय पर पूर्ववत एकमुश्त समाधान योजना लागू करने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 1988 से 2016-17 तक ईंट भट्ठों पर लागू समाधान योजना के तहत भट्ठा इकाइयां पायों की संख्या के अनुसार टैक्स जमा करती रहीं। वर्ष 2008 मेें वैट लागू होने पर सरकार को प्राप्त होने वाला राजस्व आधा रह जाने पर सरकार ने समिति के अनुरोध पर पुन: समाधान योजना लागू कर दी। अब जीएसटी प्रभावी होने पर प्रति माह तीन अर्थात वर्ष में 37 रिटर्न दाखिल करने की बाध्यता लागू कर दी गई। समिति के अध्यक्ष राकेश कपूर ने एडीएम से कहा कि ईंट भट्ठा ग्रामीण प्रकृति का सीजनल व्यापार है, जहां बिजली की उपलब्धता कम होती है और व्यवसाय से जुड़े लोग ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं होते। इसलिए माह में तीन रिटर्न लिए जाने का अव्यवहारिक निर्णय वापस लेकर पूर्ववत समाधान योजना लागू की जाए। प्रदर्शन में अशोक खन्ना, कृष्ण कुमार गर्ग, प्रकाश कलानी, मुन्ना लाल गुप्ता, राकेश यादव, शकील अहमद, वीरभान, रामगोपाल वर्मा, मनोहर लाल शर्मा, मोहम्मद इशाक, हाजी शमशाद खां आदि शामिल रहे।