एकमुश्त समाधान योजना के बावजूद बकाया बिलों का भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के नाम सार्वजनिक कर उन्हें बकाया जमा करने के लिए बाध्य करने को नेम एंड शेम स्कीम लागू की गई है। इस योजना के तहत उन सभी उपभोक्ताओं के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे, जिन पर दस हजार या इससे अधिक का बकाया है। विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता ने बृहस्पतिवार को योजना पर अमल करते हुए 20 बाकीदारों के नाम उजागर कर दिए।
इसलिए लागू करनी पड़ी नेम एंच शेम स्कीम
पॉवर कारपोरेशन के वितरण खंड प्रथम में शामिल ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के वितरण खंड द्वितीय और तिलहर डिवीजन में दस हजार और इससे अधिक बकाया वाले 40 हजार उपभोक्ता चिह्नित किए गए हैं। बकाया भुगतान के लिए उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए उन्हें देय बिलों पर ब्याज में छूट देने वाली एकमुश्त समाधान योजना लागू की गई। ओटीएस शहरी क्षेत्र में 31 मई और ग्रामीण अंचल में 15 जून तक प्रभावी रहने के बावजूद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने बकाया बिल जमा नहीं किए और समाधान योजजना से कन्नी काट गए।
61 करोड़ बकाया में मिले सिर्फ 30 करोड़
अफसरों को उम्मीद थी कि ओटीएस को बाकीदार उपभोक्ता हाथों-हाथ लेकर सरचार्ज में छूट का लाभ उठाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वितरण खंड प्रथम में दस हजार से अधिक बकाया वाले 30 हजार उपभोक्ताओं में से केवल 17 हजार ने ही 17 करोड़ रुपये जमा किए। वितरण खंड द्वितीय में ओटीएस के तहत 16 करोड़ के सापेक्ष सिर्फ सात करोड़ रुपये जमा हुए और 2400 से अधिक शहरी उपभोक्ताओं पर अभी तक नौ करोड़ रुपये बकाया है। इसी तरह तिलहर डिवीजन में भी 12 करोड़ रुपये बकाया के सापेक्ष बमुश्किल 4.5 करोड़ रुपये बकाया देय प्राप्त हो सका।
पहले चरण में 55 बकाएदारों के नाम सार्वजनिक
नेम एंड शेम स्कीम के तहत पहले चरण में वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता अंशुमान यादव और तिलहर डिवीजन के एक्सईएन एनपी सिंह ने 20-20 और वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता विवेक पटेल ने 15 बाकीदार उपभोक्ताओं के नाम-पतों समेत उन पर बकाया रकम की सूचियां सार्वजनिक की हैं। यह सूचियां अधिशासी अभियंता और उपखंड अभियंता कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर चस्पा कराने के साथ प्रचार माध्यमों को भी जारी की गई हैं। इन सूचियों में शामिल कई उपभोक्ताआें पर एक-एक लाख रुपये से अधिक धनराशि बकाया है।