फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलर्ट रहें..नियमों का पालन करें.. कोरोना का खतरा अभी टला नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
शाहजहांपुर। अक्तूबर के शुरूआत में अच्छी खासी गर्मी रही, लेकिन अब सुबह-शाम ठंड महसूस होने लगी है। मौसम के बदलते मिजाज ने स्वास्थ्य विभाग और त्योहारों ने शासन-प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि अभी जांच में कोरोना संक्रमितों की संख्या कम निकल रही है, शोधकर्ताओं ने सर्दियों में संक्रमण की दोबारा लहर आने की आशंका जताई है। चिकित्सक भी इस पर सहमति जता रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक वैक्सीन नहीं आती हर व्यक्ति कोरोना को अपने आसपास समझें। चिकित्सकों के मुताबिक संभल चुके हालात अगर फिर बिगड़े तो काबू करना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए हर व्यक्ति को अलर्ट रहना जरूरी है।
विज्ञापन

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू एचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक ठंड के दिनों में कोरोना वायरस का खतरा और बढ़ सकता है। गर्मी में कोरोना वायरस फैलने का एक बड़ा कारण संक्रमित छोटे आकार के एरोसॉल (हवा में मौजूद ठोस या वाष्प कण) के संपर्क में आना रहा। वहीं, ठंड में कोरोना संक्रमण फैलने की मुख्य वजह सांस छोड़ने, खांसने या छींकने के दौरान मुंह और नाक से निकली बूंदों के सीधे संपर्क में आने की आने की आशंका है। दोबारा संक्रमण तेज होने की दूसरी वजह और त्योहार और सहालग है। ऐसे मौकों पर लोग समूह में इकट्ठे तो होते हैं, लेकिन ज्यादातर अलर्ट नहीं रहते।
अक्तूबर में कोरोना संक्रमण की रफ्तार जिले में काफी धीमी रही है। सोमवार को केवल आठ लोग कोरोना संक्रमित मिले थे। जबकि जांच पिछले करीब दो महीने से प्रतिदिन 21-22 सो रही हैं। संक्रमितों की संख्या कम आने से लोग लापरवाह हो गए। लोग न मास्क लगा रहे हैं, और न आपस में दूरी बनाकर रह रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक यही लापरवाही आगे ज्यादा घातक साबित हो सकती है।
विज्ञापन

जब तक वैक्सीन न आए तब तक खतरा समझें
डिप्टी सीएमएस डॉ. लक्ष्मण सिंह के मुताबिक अभी तक केस निकल रहे हैं। जीरो केस हो जाएं तब भी लोग सजग और सचेत रहें। जब तक वैक्सीन नहीं आ जाए, तब तक हर व्यक्ति कोई अपने चारों ओर कोराना का खतरा समझे। मास्क लगाना और आपस में दूरी बहुत जरूरी है। हालांकि लोग पूरी तरह लापरवाह हो गए हैं। सर्दी में संक्रमण और तेजी से बढ़ता है। पब्लिक के इसी तरह से लापरवाही रही और संक्रमण दोबारा बढ़ा तो संभाल पाना मुश्किल होगा।
केस कम निकल रहे, लेकिन अभी खतरा टला नहीं है
जिला अस्पताल के सीएमएस व कोविड अस्पताल प्रभारी डॉ. एयूपी सिन्हा के मुताबिक केस कम निकल रहे हैं इसका मतलब यह नहीं कि कोरोना का खतर टल गया। अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। सर्दियों का असर होने से हवा में ज्यादा देर तक वायरस के मौजूद रहने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। त्योहारों की वजह से बाजार में भीड़ बढ़ रही है। भीड़ में एक संक्रमित कितने लोगों को संक्रमण का शिकार बना सकता है इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।
ठंड में बढ़ सकता है खतरा
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अनिल राज के अनुसार डब्ल्यूएचओ के मुताबिक ठंड में खतरा बढ़ सकता है। वैसे भी जाड़े में संक्रमण बढ़ता है। इस महामारी को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। अब केस भले कम निकल रहे हैं, लेकिन इसको लेकर लापरवाही ठीक नहीं। वाइरस तीन कारणों से फैलता है। पहला मौसम में परिवर्तन, दूसरा मानव व्यवहार और तीसरा वायरस का मौसम के साथ व्यवहार परिवर्तन। यानी संक्रमण दोबारा बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता
राजकीय मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. विवेक कुमार वर्मा के मुताबिक ठंड तेज होने के साथ संक्रमण दोबारा बढ़ सकता है, जिस तरह दिल्ली में हुआ था। त्योहारी सीजन है। लोगों ने मास्क लगाना छोड़ दिया है। जहां देखो भीड़ जमा दिखती है। जाड़े में संक्रमण ज्यादा गंभीर हो जाता है। लापरवाही और ज्यादा दिक्कत खड़ी कर सकती है। पहले शहर में ज्यादा केस निकल रहे थे, फिर कस्बों में समाने आए। अब गांवों में केस निकल रहे हैं। हालांकि इलाज से ठीक भी हो रहे हैं, लेकिन इसे खतरे का इशारा माना जा सकता है।
रोजा 1950 लोगों की जांच का लक्ष्य
जिले में रोज 1950 लोगों की जांच करने का लक्ष्य दिया गया है। इसकी अपेक्षा जिले में रोजा 21 से 22 लोगों की जांच की जा रही है। डिप्टी सीएमओ डॉ. लक्ष्मण सिंह ने बताया कि अब तक एंटीजन टेस्ट ज्यादा होते थे। चूंकि केस कम निकल रहे हैं इसलिए अब आरटीपीसी टेस्ट ज्यादा किए जाएंगे।
विज्ञापन

पिछले एक सप्ताह में निकले संक्रमित
19 अक्तूबर - 8
18 अक्तूबर- 14
17 अक्तूबर- 18
16 अक्तूबर - 17
15 अक्तूबर - 22
14 अक्तबर - 29
13 अक्तूबर - 11
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें