तिलहर में मॉक अभ्यास के दौरान नदी में डूबे व्यक्ति की हालत देखते विशेषज्ञ। स्रोत : प्रशासन
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शाहजहांपुर। राज्य स्तरीय बाढ़ आपदा मॉकड्रिल का जिले की चार तहसीलों में आयोजन किया गया। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश पर हुए आयोजन में संवेदनशील तहसीलों में विभागों की तैयारी, समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करना था।
अभ्यास सुबह दस बजे डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशन में शुरू हुआ। डीएम ने कहा कि अभ्यास का लक्ष्य विभिन्न विभागों की तत्परता और समन्वित कार्यप्रणाली का परीक्षण करना है, जिससे वास्तविक आपदा में जन-धन की हानि को कम किया जा सके। उन्होंने सभी विभागों को आपदा प्रबंधन के लिए सतर्क और तैयार रहने के निर्देश दिए।
तहसील सदर के हनुमत धाम पर नाव पलटने और नदी में डूबते व्यक्ति को बचाने का अभ्यास किया गया। पुलिस, गोताखोरों और राहत दल ने त्वरित कार्रवाई कर प्रभावित व्यक्ति को सुरक्षित निकाला और प्राथमिक उपचार दिया। इस दौरान एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार आदि मौजूद रहे।
जलालाबाद के ग्राम खंडहर में गांव के जलमग्न होने की स्थिति का प्रदर्शन किया गया। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ बाढ़ शरणालय तक पहुंचाया गया। यहां भी नदी में डूबते व्यक्ति को बचाने का अभ्यास हुआ।
कलान के ग्राम जरियनपुर में राहत शिविर और सामुदायिक रसोई स्थापित करने का अभ्यास किया गया। इसमें प्रभावित लोगों को सुरक्षित आश्रय, भोजन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया दिखाई गई।
तिलहर के ग्राम चित्ती बोझी घनश्यामपुर में बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों के लिए चिकित्सा शिविर लगाया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घायलों और बीमारों को प्राथमिक उपचार तथा त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान करने का प्रदर्शन किया। इन अभ्यासों से राहत एवं पुनर्वास व्यवस्थाओं और विभागों के समन्वय का परीक्षण हुआ।