शाहजहांपुर। सिंधौली के एक गांव में रहने वाले राजमिस्त्री ने घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद मस्जिद से बिरयानी बंटवाने का ऐलान कर दिया। खाते से जमा-पूंजी निकालकर दो बकरे खरीदे और लोगों की दावत कर दी।
उसकी हरकतों से परेशान होकर परिजन उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज में लेकर पहुंचे, तब उन्हें पता चला कि वह मानसिक रोग से पीड़ित होने की वजह से ऐसी हरकतें कर रहा है।
तापमान में इजाफा होने के चलते भीषण गर्मी में लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ने लगा है। लोग बाइपोलर डिसऑर्डर के पार्ट वन मेनिया का शिकार होने लगे हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में मानसिक रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना आने वाले 70 से 80 मरीजों में दस से बारह मरीज इस बीमारी से पीड़ित हैं। इसमें 16 से 40 वर्ष तक की उम्र के लोग शामिल हैं।
मनोचिकित्सक की मानें तो अधिक तनाव और नशा करने वाले लोग इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। यह मन की बीमारी होती है। इस बीमारी से पीड़ित होने पर मरीज बड़ी-बड़ी बातें करने के साथ अजीब हरकतें करने लगता है।
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ये हैं लक्षण
-मरीज अपनी क्षमता से बाहर की बातें करने लगता है।
-उसके खर्च में इजाफा होने लगता है।
-आक्रामक होने के साथ मारपीट भी करने लगता है।
-वह अधिक काम करता है, जो उसे नहीं करना चाहिए।
-उसे नींद कम आती है।
ये बरतें सावधानी
-रोग से पीड़ित मरीज को पर्याप्त नींद लेनी चाहिए।
-नशे से दूरी बनाकर रखें।
-संयमित जीवन को जीने से रोग दूर हो सकता है।
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-गर्मी बढ़ने से मेनिया के रोगियों में इजाफा हुआ है। दवा खाने से छह से आठ महीने में मरीज को राहत मिल जाती है। किसी में लक्षण नजर आने पर तुरंत ही डॉक्टर से परामर्श अवश्य ले।
डॉ.अभिनव रस्तोगी, मनोचिकित्सक, राजकीय मेडिकल कॉलेज
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केस वन
-जलालाबाद के रेलवे कर्मचारी ने गर्मी बढ़ने के बाद काराेबार शुरू करने की योजना बनाई। बड़ी बातें करते हुए लोन लेकर कार की एजेंसी के लिए आवेदन कर दिया। उसने जमीन-जायदाद तक बेचने का मन बना लिया। परिजनों ने उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर को दिखाया है।
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केस टू-
-कलान का एक युवक नशा करने का आदी होने के चलते मेनिया का शिकार हो गया। आर्थिक रूप से बेहद कमजोर होने के बाद भी बड़ी बातें करना शुरू कर दी। कई लोगों पर हमलावर भी हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।