शाहजहांपुर। ददरौल विधानसभा से भाजपा विधायक मानवेंद्र सिंह के निधन के बाद रिक्त सीट पर उपचुनाव के लिए सपा ने पूर्व मंत्री अवधेश वर्मा को शुक्रवार की रात प्रत्याशी घोषित कर दिया। अवधेश ददरौल से लगातार दो बार विधायक रह चुके हैं।
पांच जनवरी को भाजपा विधायक मानवेंद्र सिंह का बीमारी के चलते निधन हो गया था। उनके निधन के बाद उपचुनाव के लिए सपा से तैयारी कर रहे थे। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का इशारा मिलने के बाद अवधेश ने जनसंपर्क शुरू कर दिया था। शुक्रवार की रात सपा ने ददरौल सीट से अवधेश वर्मा को प्रत्याशी घोषित कर दिया। सेहरामऊ दक्षिणी क्षेत्र के गांव कहिलिया रुद्रपुर निवासी उधौ लाल वर्मा के पुत्र अवधेश वर्मा बीएससी उत्तीर्ण हैं। वह वर्ष 2002 में बसपा के सिंबल पर पहली बार ददरौल से विधायक बने थे। वर्ष 2007 में दूसरी बार बसपा से विधायक बनने पर राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रहे। वर्ष 2012 में अनुशासनहीनता के आरोप में बसपा ने उनका टिकट काट दिया था। तब उन्होंने भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़ा था और पराजय का सामना करना पड़ा था। वर्ष 2017 में बसपा से तिलहर विधानसभा से चुनाव लड़े और हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2022 में ददरौल से टिकट के लिए वह सपा में आए थे, लेकिन सपा नेतृत्व ने उनकी जगह पर पूर्व मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा के बेटे राजेश वर्मा पर विश्वास जताते हुए टिकट दिया था। तब अवधेश फिर से भाजपा में चले गए थे। महापौर के चुनाव के दौरान अर्चना वर्मा व राजेश वर्मा के सपा छोड़ने के बाद वह फिर से भाजपा में आ गए थे। सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां ने कहा कि पूरा संगठन पूरी दमदारी से चुनाव लड़ाएगा।