शाहजहांपुर में गांधी भवन में साउंड लगाने का कार्य करते कर्मवारी। संवाद
शाहजहांपुर। रंगकर्मियों के लंबे संघर्ष के बाद गांधी भवन में लाइट व साउंड लगाने का कार्य शुरू हो गया। इस कार्य के लिए 24.41 लाख रुपये को खर्च किया जाएगा। लखनऊ की कार्यदायी संस्था ने रविवार शाम साउंड के कार्य को अंतिम रूप दे दिया। अब लाइटों को लगाया जाएगा। इसके बाद अब नाटक के लिए कलाकारों को बाहर से साउंड और लाइट का इंतजाम नहीं करना पड़ेगा।
वरिष्ठ रंगकर्मी शमीम आजाद की मानें तो 1974 में गांधी भवन का निर्माण कराया गया था। 1997 में आधुनिकीकरण किया गया। धीरे-धीरे लाइट और साउंड की हालत जर्जर होती चली गई। रंगकर्मियों की मांग के बाद हर बार रिपेयरिंग कराकर काम चला दिया जाता था। ऐसी स्थिति में नाटक करने के लिए किराये पर लाइट और साउंड का इंतजाम करना पड़ता था। रंगकर्मियों ने कलाकार एसोसिएशन का गठन कर कार्य को पूर्ण करने का जिम्मा उठाया।
इसके बाद शमीम आजाद, मनोज मंजुल, कप्तान कर्णधार, हंसराज विकल, शिवा सक्सेना आदि ने एकजुटता दिखाते हुए प्रशासन से वार्ता की। करीब दो महीने पहले तत्कालीन एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी, नगर मजिस्ट्रेट आशीष सिंह और रंगर्मियों के बीच बैठक लाइट और साउंड के लिए 24.41 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर पास किया। मुहिम रंग लाई और गांधी भवन में कार्य शुरू हो गया। रविवार शाम तक साउंड का कार्य पूर्ण कर लिया गया। उसके बाद मंच के लिए लाइटों को लगाने का काम होगा।