फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shahjahanpur News: टॉर्च की रोशनी में बेटे-भतीजे ने नदी से निकाला शव

विज्ञापन
मृतक महिपाल के रोते-बिलखते परिजन। संवाद
विज्ञापन
शाहजहांपुर। मगरमच्छ का शिकार बने निगोही के उदयपुर कटैया गांव निवासी 50 वर्षीय महिपाल का शव देर रात बेटे और भतीजे नदी में कूदकर बाहर निकाल लाए। इस बीच पुलिस और वन विभाग की टीम तमाशबीन बने रहे।
विज्ञापन

शनिवार दोपहर करीब 12 बजे महिपाल भतीजे गुड्डू के साथ साइकिल से गांव से करीब चार किलोमीटर दूर तिलहर क्षेत्र में गर्रा नदी पर मछली का शिकार करने के लिए गए थे। इस बीच मगरमच्छ ने चाचा-भतीजे पर हमला कर दिया था। भतीजा तो बच गया था, लेकिन चाचा को मगरमच्छ नदी में गहरे पानी में खींच ले गया था।
इसके बाद गुड्डू ने साइकिल से इधर-उधर जाकर लोगों से मदद मांगी। मदद न मिलने पर गुड्डू घर पहुंचा। परिजनों को पूरी बात बताई। वन विभाग व हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर मदद मांगी गई, लेकिन मदद नहीं मिली। शाम करीब चार बजे यूपी-112 पुलिस टीम मौके पर गई। इसके बाद थाना पुलिस और फिर वन विभाग की टीम पहुंची।
विज्ञापन

महिपाल के बेटों ने नदी में घुसने की कोशिश की तो उन्हें रोक लिया गया। परिवार के लोग देर रात तक नदी के पास ही बैठे रहे। बरेली से बोट आने का इंतजार कर रहे थे, तभी रात करीब 10:30 बजे टॉर्च की रोशनी में नदी में उतराता शव दिखा। फिर परिजनों ने अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई। कोई मदद न मिलने पर बेटे व भतीजे ने नदी में छलांग लगा दी।
30 मिनट की मशक्कत के बाद शव को नदी से बाहर निकाला गया। एंबुलेंस न होने पर परिजन बाइक से ही महिपाल को लेकर अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टर ने महिपाल को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि महिपाल अच्छे तैराक थे, लेकिन बच नहीं सके। महिपाल के बायें पैर का पंजा मगरमच्छ के हमले से कट गया था। उनके हाथ में भी जख्म थे। मृतक महिपाल के बेटे ने नाराजगी जताई। कहा कि अधिकारी सिर्फ खड़े हुए थे। बरेली से बोट मंगाने की बात कहते रहे।

मृतक महिपाल के रोते-बिलखते परिजन। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें