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कहीं जर्जर तो कहीं नवीन भवन में चल रहे दो-दो स्कूल

Thu, 30 Jun 2016 11:46 PM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
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कहीं जर्जर तो कहीं नवीन भवन में चल रहे दो-दो स्कूल
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नगर क्षेत्र में कहीं जर्जर भवन में तो कहीं नवीन भवन में दो-दो परिषदीय स्कूल चल रहे हैं। यह व्यवस्था बच्चों के लिए किसी भी सूरत में उचित नहीं कही जा सकती। करीब 53 स्कूलों में आठ ऐसे विद्यालय भवन हैं, जो अत्यंत जर्जर हालात में हैं। इन स्कूलों का न तो स्टाफ सुरक्षित है और न ही पढ़ने वाले बच्चे। बतादें कि दशकों पहले व्यवस्था के अनुरूप परिषदीय स्कूल संचालित करने के लिए भवन किराए पर लिए गए, जिनका किराया भी नगण्य ही है। अब ऐसे भवन स्वामी अपनी बिल्डिंग खाली कराना चाहते हैं, जिसके लिए लगभग सभी स्कूलों के मामले कोर्ट में लंबित हैं। विभाग चाहकर भी इन स्कूल भवनों की मरम्मत नहीं करा सकता, क्योंकि मामला कोर्ट में है। हालत यह है कि कुछ स्कूलों में तो शौचालय और पानी तक की समस्या है। बरसात होने पर ये स्कूल भवन अंदर भी उतने ही बरसते हैं, जितना पानी बाहर बरसता है। एक-दो स्कूलों को आसपास के नवीन भवनों में शिफ्ट करके काम चलाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार मोहल्ला तारीन टिकली और रंगीन चौपाल के बच्चे एक ही जर्जर भवन में पढ़ने आते हैं। इसी तरह मोहल्ला भारद्वाजी, घूरनतलैया, अजीजगंज प्रथम और द्वितीय, मतानी, सिंजई आदि के भवन भी गिरताऊ हालत में हैं। मतानी और सिंजई के स्कूल एक ही भवन में दो अलग-अलग कमरों में संचालित हैं। पानी और शौचालय की समस्या है। भारद्वाजी द्वितीय का भवन उसके तोड़ दिया गया है। 
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शिफ्टिंग के लिए प्रस्ताव भेजा है
पुराने जर्जर स्कूलों को नई जगह शिफ्ट करने का प्रस्ताव सचिव परिषद को कई बार भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है। घूरन तलैया और अजीजगंज के स्कूलों को दूसरी जगह शिफ्ट करने के आदेश हो चुके हैं। बच्चों की सुरक्षा का उन्हें पूरा ध्यान है। किराएदारों को भी बच्चों का हित सोचना चाहिए। 
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राकेश कुमार, बीएसए
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