शासन के निर्देश हैं कि बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को लेखपाल घर जाकर चेक देंगे, लेकिन पुवायां के तमाम गांवों में अभी तक सर्वे ही नहीं हो सका है। प्रशासन का दावा है कि सर्वे हो चुका है। अब सवाल है कि क्या फर्जी सर्वे किया गया है। अब सर्वे ही नहीं हुआ है तो किसानों को सही सहायता राशि कैसे मिलेगी। क्षेत्र के कई प्रधानों का कहना है कि तमाम बार सूचना देने पर भी लेखपाल सर्वे करने नहीं आ रहे हैं। किसान परेशान घूम रहे हैं। एसडीएम लालबहादुर का कहना है कि सर्वे के आधार पर चेक वितरित कराए जा रहे हैं। किसी को शिकायत है तो उनसे समस्या के बारे में बता सकता है। इस संबंध में बुधवार को कई किसानों और प्रधानों से बात कर सर्वे की हकीकत का पता लगाने का प्रयास किया गया।
नहीं हुआ सर्वे, यदि हुआ तो फर्जी
राजस्वकर्मी पूरी तरह झूठ बोल रहे हैं। मेरी गांवसभा इटौली क्षेत्र में कोई भी कर्मचारी सर्वे करने नहीं पहुंचा। यदि कोई कहता है कि सर्वे किया गया है तो वह झूठ बोल रहा है। सही सर्वे कर किसानों को सहायता दी जानी चाहिए।
- सर्वेश शर्मा, प्रधान गांवसभा इटौली, पुवायां
लिखित पत्र देने के बाद भी नहीं हुआ सर्वे
मैंने तहसील दिवस में एसडीएम को लिखित पत्र देकर बताया कि गेहूं की कटाई हो जाने पर सही सर्वे नहीं हो सकेगा। खराब फसलों का शीघ्र सर्वे कराया जाना चाहिए, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। बिना सर्वे सहायता बंटेगी तो अपात्र लाभ उठाएंगे।
- ओमेंद्र विक्रम, प्रधान गांवसभा नगरिया बुजुर्ग, पुवायां
सर्वे और सहायता के
नाम पर लीपापोती
खराब फसलों का सर्वे किए जाने के नाम पर राजस्वकर्मी लीपापोती कर रह हैं। गांवसभा गंगसरा में सर्वे कब हुआ और कौन कर गया इसकी जानकारी मुझे नहीं है। में कई बार सर्वे की मांग कर चुका हूं। जल्द सर्वे कर किसानों को मदद दी जानी चाहिए।
- वीरेंद्र यादव, गांव गंगसरा, पुवायां की प्रधान रामसहेली के पति
लेखपाल कह रहे एक दो दिन में करेंगे सर्वे
मेरी पत्नी के नाम गांव खजुरिया, खुटार में दो एकड़ जमीन है। बारिश में पूरी फसल खराब हो गई। लेखपाल से सर्वे करने को फोन करने पर वह एक दो दिन में सर्वे करने की बात कहकर मामले को टाल देते हैं। सर्वे जल्द होना चाहिए।
- संतोष मिश्रा, निवासी मोहल्ला बजरिया खुटार