शाहजहांपुर। जन्मजात दोष से पीड़ित बच्चों के चेहरे पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मुस्कान लौटाई गई। इसके तहत कटे तालू, होठ समेत कई तरह की बीमारियों का उपचार कराने के बाद बच्चे स्वस्थ हो गए। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 141 बच्चों को बड़े अस्पतालों में सरकारी खर्चे पर उपचार कराया।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत बीमारियों से ग्रसित बच्चाें को चिह्नित करने के लिए हर ब्लॉक पर दो टीमों का गठन किया गया। इसमें पुरुष व महिला डॉक्टर के साथ पैरामेडिकल स्टाफ रहते हैं, जो प्रत्येक वर्ष एक बार सरकारी स्कूल और साल में दो बार आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करती हैं। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि इस साल जन्मजात दोष से पीड़ित 203 बच्चों को चिह्नित किया था। इसमें 141 का उपचार कराया गया। इसी तरह 42 प्रकार की बीमारियों से ग्रसित 35867 बच्चों को चिह्नित करते हुए 34449 बच्चों का उपचार कराया गया है।
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-निगोही ब्लॉक की भूति कश्यप का तालू कटा था। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से महंगा इलाज संभव नहीं था। आंगनबाड़ी केंद्र पर सर्वे के दौरान उसका जन्मजात दोष पकड़ में आने के बाद उपचार होने पर वह बिल्कुल ठीक हो गया है।
-शहर के ककराकलां मोहल्ले के अरमागान खान को जन्म से दिल में दिक्कत थी। परिवार ने उपचार की काफी कोशिश की। लखनऊ में महंगा उपचार सुनकर परिजन ने हाथ खड़े कर दिए। फिर स्वास्थ्य विभाग की टीम से संपर्क होने पर ऑपरेशन के बाद ठीक हो गया है।
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-जन्मजात दोष व 42 प्रकार की बीमारियों के उपचार के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से कराया गया। गंभीर बीमारियों का उपचार सरकारी खर्चे पर होने से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को लाभ मिल रहा है।
डॉ.आरके गौतम, सीएमओ