शाहजहांपुर। प्रदेश सरकार की ओर से शाहजहांपुर को स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा की गई थी, जिसके तहत कूड़ा निस्तारण प्लांट, सड़कों का चौड़ीकरण, सीवर लाइन, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट आदि कार्य कराए जाने थे, लेकिन वित्तीय वर्ष समाप्त होने में 13 दिन बचे हैं और इनमें से अधिकतर प्रोजेक्ट अभी टेंडर प्रक्रिया से ही बाहर नहीं निकल पाए। इसकी वजह से शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की योजना अधर में लटकी नजर आ रही है।
शहर के दोनों किनारों पर बहने वाली नदियों को प्रदूषित होने से बचाने के लिए सीवर लाइन डालने का काम होना है, जिसकी टेंडर प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। हालांकि पिछले दिनों टेंडर प्रक्रिया शुरू होने पर पांच फर्मों ने आवेदन किया है। अभी इनकी जांच की जा रही है। जांच में जो फर्म तकनीकी मानकों को पूरा करने के साथ ही कम बजट में कार्य कराएगा, उसको ठेका दिया जाएगा। सीवर लाइन डालने के लिए 377 करोड़ रुपये का बजट मंजूर हुआ है, जिसकी पहली किस्त के रूप में जल निगम को 73 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इसी तरह से सड़कों के चौड़ीकरण का काम भी धीमी गति से चल रहा है। शहर में बरेली मोड़ से गर्रा फाटक, जीआईसी तिराहे से अटसलिया फाटक, हथौड़ा चौराहा से पुत्तूलाल चौराहा, रोजा मार्ग को फोरलेन बनाने का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है। कूड़ा निस्तारण और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को ककरा में लगाने का काम अब तक शुरू नहीं हो सका है। जिसकी टेंडर प्रक्रिया अधर में अटकी हुई है।
शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने का काम चल रहा है। जिनका टेंडर अभी तक नहीं हुआ है, उनकी प्रक्रिया भी जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। निर्माण कार्यों को गति देने के निर्देश कार्यदायी संस्थाओं को दिए गए हैं। - आशुतोष दुबे, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम शाहजहांपुर।