शाहजहांपुर। दोहरे हत्याकांड के दोषी पिता व उसके दो पुत्रों समेत छह दोषियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जलालाबाद के गांव डहर की रहने वाली ममता अपने पहले पति ओमपाल और बच्चों को छोड़कर रमनपाल के साथ रहने लगी थीं। इसी रंजिश में ओमपाल ने अपने बेटों के साथ मिलकर रमनपाल की हत्या कर दी। जबकि रमनपाल के भाइयों ने ममता की फंदे से गला कसकर हत्या कर दी थी।
आठ जून 2022 की शाम करीब 5:30 बजे रमनपाल खेत पर काम कर रहे थे। उसी समय गांव के ही ओमपाल कुशवाहा, उसके पुत्र सोनू उर्फ अनुज, अमित उर्फ झुन्नी अपने सहयोगी प्रमोद के साथ वहां पहुंचे और रमनपाल पर कुल्हाड़ी, लाठी-डंडे व धारदार सरिया से हमला कर दिया। रमनपाल की हत्या कर वे लोग चले गए। इस बीच वहां पर रमनपाल के भाई सर्वेश और अजय पहुंच गए।
भाई के मारे जाने से आक्रोशित अजय और सर्वेश ने ममता की दुपट्टे से गला कसकर हत्या कर दी थी। मामले में पहले सर्वेश ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि ओमपाल ने अपने पुत्रों और सर्वेश के साथ मिलकर रमनपाल और ममता की हत्या की है। बाद में पुलिस की विवेचना के दौरान हकीकत सामने आ गई थी।
पुलिस ने रमनपाल की हत्या में ओमपाल, उसके बेटे सोनू उर्फ अनुज और अमित उर्फ झुन्नी के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा। वहीं, ममता की हत्या में अजय और सर्वेश उर्फ समरपाल के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश नेहा आनंद ने ओमपाल, सोनू उर्फ अनुज, अमित उर्फ झुन्नी, अजय उर्फ दीपू, प्रमोद और सर्वेश उर्फ समरपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषियों पर दो लाख दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।