शाहजहांपुर। भाईदूज परंपरागत तरीके से मनाया गया। शुभ मुहूर्त में बहनों ने भाइयों के माथे पर स्नेह का टीका लगाया। भाइयों की ओर से उपहार भी दिए गए।
सुबह से ही घरों में त्योहार को लेकर तैयारियां शुरू हो गईं थीं। बहनों ने घर के आंगन में रंगोली सजाने के बाद विधि-विधान से पूजन किया। भाई की लंबी उम्र की कामना और जीवन में सुख-समृद्धि की प्रार्थना करते हुए माथे पर टीका लगाकर मिठाई खिलाई। भाइयों ने उन्हें उपहार और आशीर्वाद दिया। इस दौरान तमाम बहनें अपने भाइयों के घर पर पहुंचीं और रस्म को निभाया। इस दौरान स्वादिष्ट व्यंजन बनाए गए।
भाई के माथे पर तिलक लगाकर भावुक हुईं महिलाएं
भाईदूज के मौके पर जिला कारागार पर बहनें उमड़ पड़ीं। बहनों ने जेल में बंद भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर मिठाई खिलाई। भाइयों को देखकर बहनें भावुक हो उठीं। शाम तक आठ सौ से ज्यादा महिलाओं व तीन सौ बच्चों ने मुलाकात की।
सुबह सात बजे से जेल में मिलाई का सिलसिला शुरू हो गया। 40 से 50 के समूह में बहनों को प्रवेश दिया गया। इससे पहले उनके बैग व अन्य सामान की तलाशी ली गई। जेल के अंदर दरी बिछाकर व्यवस्था की गई थी। अंदर भाई-बहनों को समूह में बैठाकर त्योहार को परंपरागत तरीके से मनवाया गया।
जेल में बंद भाई को मिठाई खिलाते हुए बहनें भावुक हो गईं और उनसे गले मिलकर रो पड़ीं। इससे माहौल भावुक हो उठा। जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने बताया कि जेल के अंदर बहनों के लिए पेयजल की व्यवस्था की गई थी। संवाद
जिला कारागार में महिलाओं के हाथ में मोहर लगाता पुलिसकर्मी। संवाद- फोटो : स्वयं
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जिला कारागार में महिलाओं के हाथ में मोहर लगाता पुलिसकर्मी। संवाद- फोटो : स्वयं
जिला कारागार में महिलाओं के हाथ में मोहर लगाता पुलिसकर्मी। संवाद- फोटो : स्वयं
जिला कारागार में महिलाओं के हाथ में मोहर लगाता पुलिसकर्मी। संवाद- फोटो : स्वयं