शाहजहांपुर। किसी भी काम को पूरी लगन से किया जाए तो विपरीत हालातों के बीच भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। सदर तहसील के शहर से सटे गांव मऊ खालसा के कालीन निर्माता सिकंदर अनीस भी ऐसे ही जीवट के धनी हैं, जिन्होंने बैंक से एक लाख रुपये का ऋण लेकर लॉकडाउन की मंदी के दौर में अपना काम शुरू किया, सात अन्य बुनकरों को भी अपने काम से जोड़कर रोजी-रोटी कमाने का मौका दिया। उनकी इसी उपलब्धि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुरस्कृत किया।
बता दें कि सिकंदर को बैंक ऑफ बड़ौदा की भावलखेड़ा शाखा से उप्र खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना के अंतर्गत कालीन निर्माण के लिए एक लाख रुपये ऋण दिया गया था। इस ऋण राशि से उन्होंने कालीन निर्माण की छोटी इकाई स्थापित की। बाद में उन्होंने काम को विस्तार देने के लिए सात अन्य लोगों को कालीन बुनाई का मौका दिया। निम्न आय वर्ग के परिवार से जुड़े युवा की उद्यमिता ने उसे मुकद्दर का सिकंदर बना दिया। कोरोना संक्रमण काल में अनेकों चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने अपना काम शुरू किया। रविवार को अवध शिल्प ग्राम में आयोजित उत्तर प्रदेश दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उन्हें पुरस्कृत करते हुए कामना की कि उनकी अत्यंत छोटी सी इकाई एक दिन एक बड़ी इकाई बनकर अन्य युवाओं को भी प्रेरित करे।