शहर में सड़क किनारे तले जा रहे समोसे। संवाद
शाहजहांपुर। दुकानदार दिन में एक बार कढ़ाई में तेल डालकर इसका कई बार इस्तेमाल करते हैं। यह सेहत के लिए काफी खतरनाक है, लेकिन खाद्य सुरक्षा विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
बाढ़ और बारिश के मौसम में संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। इसी सीजन में खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। खाद्य सुरक्षा विभाग पैकिंग तेल के तो नमूने लेता है, लेकिन बार-बार इस्तेमाल किए जाने वाले तेल के नमूने नहीं लिए जाते। इस कारण दुकानदार खुलेआम एक बार तेल कढ़ाई में डालकर उसका लगातार इस्तेमाल करते हैं।
तेल काला हो जाता है, फिर भी उसमें पकाैड़ी व समोसे समेत कई खाद्य वस्तुएं तलते रहते हैं। विभाग की तरफ से ऐसे तेल का अभी तक कोई भी नमूना नहीं लिया गया है।
हार्ट और फालिज का पड़ सकता है अटैक
राजकीय मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि तेल को एक बार खौलने के बाद बाद दोबारा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसके बार-बार इस्तेमाल से खाद्य पदार्थ खाने वाले लोगों को ट्रांसफैट की समस्या हो जाती है। लोगों की नसें ब्लॉक होने लगती हैं। इस वजह से हार्ट और फालिस अटैक के साथ पेट से संबंधित गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। आंत में संक्रमण का भी खतरा रहता है। इससे व्यक्ति की जान भी जा सकती है।
बार-बार एक ही तेल को इस्तेमाल करने वालों के विरुद्ध अभियान चलाया जाएगा। तेल का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा। नमूना फेल होने पर दुकानदार के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
चंद्रशेखर मिश्रा, सहायक उपायुक्त खाद्य