आरसी मिशन के रौसर कोठी में आयोजित रामकथा का श्रवण करतीं महिलाएं। संवाद
रोजा। रौसर कोठी स्थित श्री नारायण ठाकुर द्वारा मंदिर में बृहस्पतिवार सुबह वेदी पूजन के बाद नवचंडी महायज्ञ हुआ। फिर शाम को आयोजित रामकथा में कथा व्यास योगेश कुमार दीक्षित ने परशुराम लक्ष्मण संवाद और राम विवाह का प्रसंग सुनाया।
कहा कि राम और सीता का विवाह मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष पंचमी को हुआ था। समस्त देवता अपने-अपने विमानों पर सवार होकर राम के दूल्हा रूप का दर्शन करने आए। कहा कि श्रीराम कथा अतीत की घटनाओं पर आधारित वर्तमान का दर्पण है। यह समाज की समस्याओं को दर्शाती है। परमात्मा से जोड़ने का सबसे सरल माध्यम कथा ही है। आचार्य शांतनु महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा का वाचन किया। यज्ञ कार्य नैमिषारण्य से आए यज्ञ आचार्य स्वतंत्र कुमार मिश्रा, माधुरी मिश्रा, रत्नेश मिश्रा, पुलकित शुक्ला ने किया। परी किशोरी ने भजन सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर स्वामी रामेश्वर, महाराज कमलेश शुक्ला, हरीकिशोर दीक्षित, विवेक आनंद, रेनू सिंह, संजीव मिश्रा, शिवम पांडे, मुनीष मिश्रा आदि ने कथा का श्रवण किया। संवाद