शाहजहांपुर। जीएसटी की दरों के लागू होने के बाद भी आम उपभोक्ता को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। दुकानदार पुरानी दरों पर ही माल की बिक्री कर रहे हैं। उनका कहना है कि नया स्टॉक आने पर नई दर के हिसाब से सामान की बिक्री की जाएगी। दुकानदारों ने कोई रेट लिस्ट भी दुकानों पर नहीं लगाई है। इसका खामियाजा सीधे तौर पर आम उपभोक्ता को भुगतना पड़ रहा है। इसके लिए कोई निगरानी भी शुरू नहीं की गई है।
जीएसटी की नई दरें सोमवार को लागू हो गईं थीं। सरकार की तरफ से निर्देश जारी किए गए थे कि इसको तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। बाजार में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। घरेलू सामान दूध, पनीर, घी, बिस्कुट, नमकीन, दवा आदि पर जीएसटी की दरों को कम किया गया है। अधिकतर जीवनरक्षक दवाओं को जीएसटी जीरो प्रतिशत कर दी गई है।
खाद्य पदार्थों को 12 से पांच प्रतिशत के स्लैब कर दिया गया है। दुकानदार अभी पुराने भाव पर सामान की बिक्री कर रहे हैं। संबंधित कंपनी से उनको नया उत्पाद नहीं मिल पा रहा है। इसलिए वे नए स्लैब में सामान की बिक्री नहीं कर रहे हैं। इससे सीधे तौर पर ग्राहक का नुकसान हो रहा है। दुकानों पर अब तक कोई नई सूची भी नहीं लगाई गई है जिसमें नए भाव का जिक्र किया जाए।
बड़े उत्पाद की नई दर से बिक्री शुरू
कार, बाइक, एलईडी, फ्रीज, एसी, मोबाइल आदि 28 प्रतिशत की दर से 18 प्रतिशत की जीएसटी दर पर आ गए हैं। बड़े व्यापारी नई दरों के हिसाब से बिक्री कर रहीं हैं। संबंधित कंपनियों ने उनको सूची उपलब्ध करा दी है। बड़े उत्पादों की ऑनलाइन जानकारी भी उपलब्ध है। इससे ग्राहकों को दिक्कत नहीं हो रही है। बाजार में खरीदारी बढ़ने लगी है। ऑनलाइन खरीदारी भी नए स्लैब पर हो रही है। जागरूक ग्राहक असमंजस की स्थिति में ऑनलाइन खरीदारी पर जोर दे रहे हैं। इस पर स्पष्ट तौर पर पहले और अब के भाव की जानकारी दी जा रही है।
व्यापारियों की बात
जीएसटी लागू होने के बाद आम जनता को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है। इसका लाभ निर्माताओं को मिल रहा है। निर्माताओं की लागत में कमी आई है, लेकिन वे पुरानी दर पर ही माल की सप्लाई कर रहे हैं।
- सरदार राजू बग्गा
किताबों पर जीएसटी कम कर दी गई। इसका अभिभावकों को काफी फायदा होगा। काॅपी पर भी जीएसटी शून्य हो गई है। स्टेशनरी पर भी जीएसटी नहीं लगेगी। नई दरों पर बिक्री शुरू कर दी गई है।
- रोहित अग्रवाल, पुस्तक व्यापारी
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ग्राहकों की बात
- जीएसटी की दर कम होने के बाद भी घरेलू सामान की कीमतों में बाजार में कोई कमी नहीं आई है। दुकानदार पुराने भाव पर ही सामान बेच रहे हैं। इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
- स्वाति शर्मा
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खुले बाजार में जीएसटी की नई दरें लागू नहीं हुईं हैं। ऑनलाइन खरीदारी में नई दर लागू हो गई। इसमें सामान सस्ता पड़ रहा है। इसलिए ऑनलाइन खरीदारी कर रहे हैं।
- आकांक्षा मिश्रा
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बाजार में नई दरों को लेकर असमंजस की स्थिति है। इसलिए ऑनलाइन खरीदारी बेहतर है। इसमें स्पष्ट तौर पर बताया जा रहा है किन उत्पादों के भाव में कमी आई है।
- चांदनी
बाजार में अभी किसी भी वस्तु के भाव कम नहीं हुए हैं। दुकानदार नई दरों पर सामान देने को तैयार नहीं हैं। मजबूरी में महंगे दामों पर सामान खरीदना पड़ रहा है। इसकी निगरानी की जानी चाहिए।
- अंतरा
नई दरों पर ही दुकानदारों को सामान की बिक्री करनी चाहिए। उनको इसमें कोई घाटा नहीं है। उनको क्लेेम की सुविधा मिलेगी। अभी सरकार की तरफ से इस पर कार्रवाई करने के कोई निर्देश नहीं आए हैं। आम लोगों को जागरूक करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
- प्रवेश तोमर, सहायक उपायुक्त, राज्यकर
स्वाति शर्मा, ग्राहक
स्वाति शर्मा, ग्राहक
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