नाहिल में शोभायात्रा निकालकर दी गई विध्नहर्ता को विदाई
गांव नाहिल में गणेशोत्सव संपन्न होने के बाद रविवार को प्रथम पूज्य भगवान गणेश की शोभायात्रा निकालकर उन्हें विदाई दी गई। यात्रा में भक्तों की भारी भीड़ रही। इस दौरान सुरक्षा के भी कड़े प्रबंध रहे।
गांव के सरस्वती विद्या मंदिर में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई थी। छह दिन तक पूजा अर्चना और कथा का दौर चला। इस दौरान धर्माचार्यों ने लोगों को भगवान गणेश की उत्पत्ति और उनकी लीला की कथा सुनाई। रविवार सुबह से ही गांव के अलावा आसपास के कई गांवों के लोग भी भगवान गणेश की प्रतिमा विसर्जन से पूर्व निकाली जाने वाली शोभायात्रा में शामिल होने के लिए स्कूल परिसर में आ पहुंचे। ढोल नगाड़ों की धुन और रंग-गुलाल उड़ाते हुए भक्त भगवान गणेश की प्रतिमाओं और कई झांकियों के साथ खन्नौत नदी के बहेड़ा घाट के लिए रवाना हुए। इस दौरान गांव में मटकी फोड़ने के कार्यक्रम भी हुए। काफी ऊंचाई पर बंधी मटकियों को गांव के युवाओं की टीम ने फोड़कर पुरस्कार प्राप्त किया।
शोभायात्रा का गांव के अलावा रास्ते में पड़ने वाले गांवों में पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। दोपहर बाद खन्नौत नदी में गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन कर दिया गया। इसके बाद नदी तट पर भंडारे का आयोजन किया गया। तमाम लोगों ने भंडारे में भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन में बालेंद्र मिश्रा, राजीव मिश्रा, विनीत शुक्ला, बबलू सिंह, शेरा शुक्ला, अंकित त्रिवेदी, अमित शुक्ला, सचिन त्रिपाठी, विवेक मिश्रा, रजत, विक्रम मिश्रा, अनूप, राघव, माधव आदि का सहयोग रहा।