दिन में ढाई-तीन बजे के बीच बेटी ने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। इस दौरान छत पर गई छोटी बेटी नेहा, बेटी बबिता को फंदे से लटका देख चीख पड़ी। उसकी चीख-पुकार पर परिवार के लोग छत पर गए और बेटी को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिवार के लोग बेटी के शव को लेकर पैतृक गांव हातिमपुर खेड़ा जा रहे थे। इस बीच मदनापुर निवासी बेटी के मौसा विश्राम ने पुलिस को सूचना दे दी।
इसके बाद पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमाॅर्टम के लिए भेज दिया। सुखवीर सिंह ने बताया कि परिवार में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं थी। बेटी के लिए रिश्ता देख रहे थे। उसने ऐसा क्यों किया, कोई जानकारी नहीं है। इंस्पेक्टर राकेश मौर्या ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।