शाहजहांपुर। तिलहर के बहादुरगंज में तंत्र-मंत्र के चलते पिछले कई दिनों से घर में बंद परिवार के नौ सदस्यों को मंगलवार को गंभीर हालत में राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद परिवार के अन्य सदस्य स्वस्थ हो गए हैं लेकिन शीतल की मनोदशा में सुधार नहीं हुआ। वह कई बार अपने परिजनों पर हमलावर हो चुकी है। पिता पर हमले करने के साथ ही बहन को दांत से काटने की कोशिश की। उसकी हालत देखकर अन्य मरीज और परिजन दहशत में हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज की पुरानी इमरजेंसी के एक कमरे में परिवार के सदस्यों को रखा गया है। कमरे के गेट के पास ही शीतल का बेड पड़ा है। दूसरे दिन भी वह बहकी-बहकी बातें करती रही, जबकि दूसरे बेड पर बहन अंजलि और तीसरे पर मां संतो भर्ती हैं। संतो पहले से स्वस्थ हैं। अंजलि की हालत में भी सुधार है।
शीतल का आक्रामक रवैया कम नहीं हो रहा। संतो ने बताया कि सुबह वह अपने पिता बनारसी पर झपटी थी। छोटी बहन शीतल के पास गई तो उसे दांतों से काटने की कोशिश की। होश में आने के बाद शीतल कह रही है कि उसे मेहंदीपुर बालाजी ले चलो। कभी कहती है कि परिवार के सदस्यों को हमने नहीं, बल्कि पति की आत्मा ने मारा है।
मानसिक रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. शशांक गंगवार के अनुसार अभी शीतल को इंजेक्शन दिए जा रहे हैं। दवा खिलाने पर दांतों से हाथ काटने का खतरा बना रहता है। उसके थोड़ा स्वस्थ होने के बाद काउंसलिंग की जाएगी।
शीतल ने कमरा कर लिया था बंद, दरवाजा खोलने पर करती थी मारपीट
- शीतल पूजा करने में अपना अधिक समय व्यतीत करती थी। नवरात्र शुरू होने पर उसने लौंग का जोड़ा रखकर व्रत रखा था। मां संतो के मुताबिक शीतल पर भूत-प्रेत का साया है। उन्होंने बताया कि व्रत के दौरान शीतल पर माता आ गईं थीं। बालाजी की आरती उतारने के बाद वह ठीक हुई थी। अगले दिन शीतल पर बालाजी आ गए। शीतल ने दरवाजा बंद करा दिए।
उसने बालाजी की चौकी स्थापित की। किसी को कुछ खाने नहीं दिया। पूजा में उपयोग होने वाला जल ग्रहण किया। संतो ने बताया कि भूख से व्याकुल बच्चों को देखकर दरवाजा खोलने का प्रयास करने पर शीतल मारपीट करती थी। उसने अंजलि के हाथ और पैर में कई जगह पर काटा।
बालाजी में मंत्रों से बंधवा दी थी आत्मा, ससुरालियों ने खुलवा दी
- संतो ने बेटी शीतल की शादी चार साल पहले विशाल से की थी। संतो ने बताया कि शादी के 12 दिन बाद विशाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस मामले में मुकदमा भी ससुराल पक्ष पर दर्ज कराया था। विवाद के दौरान शीतल अपने मायके आकर रहने लगी थी। संतो के अनुसार, दामाद विशाल की आत्मा ने अपने परिजनों के सपने में आकर शीतल को फिर से ससुराल बुलाने का दबाव बनाया था। फिर उसकी आत्मा शीतल के पास आने लगी। संतो ने बताया कि उसने मेहंदीपुर बालाजी जाकर मंत्रों की शक्ति के जरिये आत्मा को बंधवा दिया, लेकिन शीतल के ससुरालियों ने आत्मा को खुलवा दिया। वही आत्मा अब शीतल को परेशान कर रही है।
जेठ ने किया था हमला
- करीब ढाई साल पहले शीतल के ऊपर उसके जेठ ने हमला कर दिया था। संतो ने आरोप लगाया कि तब उसके साथ खूब अभद्रता की थी। उसने भाई की मौत का आरोप भी शीतल पर लगाया था। मामला थाने तक पहुंचा था।
पिता बोला-नवरात्र पर शीतल पर आई थी माता
- शीतल के पिता बनारसी चूरन बेचने का काम करते हैं। उनके मुताबिक नवरात्र पर शीतल के ऊपर माता सवार हो गई थीं। उसकी तबीयत ठीक होने पर वह चूरन बेचने लखीमपुर चले गए थे। बुधवार को पड़ोसियों की सूचना पर वह अस्पताल पहुंचे।
सीटी स्कैन और एमआरआई कराया जाएगा
- अस्पताल में भर्ती शीतल का सीटी स्कैन और एमआरआई जांच कराई गई। वहीं संतो के पेट में दिक्कत होने के चलते उसका अल्ट्रासाउंड कराया गया।
मोहल्ले में चर्चा, पहले नहीं देखा शीतल का ऐसा रूप
तिलहर। बहादुरगंज मोहल्ले के अमित लोधी राजपूत ने बताया कि पुलिस के साथ दरवाजा तोड़ने के बाद अंदर प्रवेश करने पर जो दृश्य देखा। ऐसा कभी नहीं देखा है। शीतल पूजा-पाठ करती थी, लेकिन ऐसा करने की उम्मीद नहीं थी। उसे किसी ने बहकाया है। मोहल्ले के राजू, अर्जुन सिंह आदि ने बताया कि बनारसी और उनके परिवार में कभी विवाद की बात सामने नहीं आई है। मोहल्ले के पूर्व सभासद शैलेंद्र शर्मा मंटू ने बताया कि परिवार के लोग सीधे-साधे हैं। हो सकता है कि किसी तांत्रिक ने बहकाया हो। तिलहर पुलिस बुधवार को एक बार फिर से संतो के घर पर पहुंची। वहां चौकी लगाए जाने वाले कमरे का बारीकी से जायजा लिया। मकान की छत पर दीपक, बताशे और सिंदूर मिला है।
- शीतल को छोड़कर सभी मरीज स्वस्थ हो गए हैं। उन्हें खाना भी खिलाया गया। डॉ. शशांक गंगवार और फिजिशियन उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए हैं। - डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य-राजकीय मेडिकल कॉलेज
शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती शीतल को देखती नर्स। संवाद
शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती शीतल को देखती नर्स। संवाद