शाहजहांपुर/जैतीपुर। गढि़या रंगीन थाना क्षेत्र के गांव पिपरथरा निवासी सुंदरलाल के बेटे ग्रामसेवक (26) की सर्पदंश से माैत हो गई। इसके बाद भी परिजन जिंदा समझकर शव लेकर झाड़फूंक करने वालों के चक्कर लगाते रहे। अगर समय से युवक को अस्पताल लाया जाता तो उसकी जान बच सकती थी।
शुक्रवार को ग्रामसेवक धान की फसल की रखवाली करने के लिए खेत पर गए थे। रात करीब एक बजे उन्हें सांप ने डस लिया। परिजन आधे घंटे के बाद गांव भीला गांव में झाड़-फूंक कराने वाले के पास उसे ले गए। उसने चीरा लगाने के बाद घर भेज दिया। सुबह पांच बजे उनकी हालत फिर बिगड़ गई। इस पर परिजन उन्हें लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे। डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद भी परिजनों को भरोसा नहीं हुआ और वह शनिवार को उन्हें जिंदा मानकर बदायूं के ब्रह्मनगला गांव में देसी उपचार कराने वाले के पास लेकर गए।
वहां उपचार करने से मना कर दिया। उसके बाद परिजन शव लेकर लकुआ गांव लेकर गए। वहां इन्कार करने के बाद गांव ले आए। सांस चलने की आस में फिर बंडा के सुनासिरनाथ लेकर गए। वहां मृत घोषित करने पर परिजन शव गांव ले आए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
आठ माह की गर्भवती है पत्नी
-खेतीबाड़ी करने वाले ग्रामसेवक की कच्ची गृहस्थी है। पत्नी अंशू के अलावा तीन साल की बेटी अंशिका है। अंशू आठ माह की गर्भवती है। ग्रामसेवक की मौत से परिवार में मातम छाया है।
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ये बरतें सावधानी
-सांप के काटने पर झाड़-फूंक के चक्कर में बिल्कुल भी नहीं पड़े। तुरंत ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाकर इलाज कराएं।
-सर्पदंश के बाद घबराएं नहीं। इससे दिल का दौरा पड़ने की संभावना रहती है।
-जिस अंग पर सांप काटे, उसे चलाएं या फिराएं नहीं, स्थिर कर दें।
-काटने वाले स्थान पर चीरा नहीं लगाएं, पुराने जमाने के नुस्खे नुकसानदायक हो सकते हैं।
-20 प्रतिशत सांप ही जहरीले होते हैं। इसमें कोबरा, क्रत और पिटवाइपर सांप शामिल हैं। 80 प्रतिशत सांप जहरीले नहीं होते। इसका ही झाड़-फूंक करने वाले फायदा उठाते हैं।
-डॉ. सलीम अहमद, फिजिशियन-राजकीय मेडिकल कॉलेज