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शाहजहांपुर में तीन सौ करोड़ की लागत से लगेंगे उद्योग

Fri, 23 Feb 2018 01:33 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,शाहजहांपुर
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sanjay
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उद्योगपतियों को प्रदेश में निवेश करने के लिए आयोजित यूपी इन्वेस्टर्स समिट से शाहजहांपुर को भी सौगात मिलने जा रही है। जिले में लगभाग तीन सौ करोड़ की लागत से बॉयोमास पावर प्लांट, सोलर प्लांट और राइस एंड पैडी स्टोर कॉॅम्प्लेक्स प्रस्तावित हैं। 
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प्रमुख उद्योगपति सुखवीर आंवला की पुवायां के गांव इनायतपुर में सुखबीर एग्रो एनर्जी लिमिटेड के नाम से बड़ी राइस मिल है, जिसमें क्षेत्र के तमाम लोगों को रोजगार मिला हुआ है। यूपी इन्वेस्टर्स समिट में सुखबीर आंवला और इनायतपुर स्थित कारखाने के जीएम संजय वशिष्ठ ने शिरकत की थी। संजय वशिष्ठ ने बताया कि सुखबीर एग्रो एनर्जी लिमिटेड की ओर से यूपी में 1875 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है, जिसमें से तीन सौ करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट शाहजहांपुर में लगेंगे। 
शाहजहांपुर में कंपनी की ओर से दो सौ करोड़ की लागत से गांव इनायतपुर में बॉयोमास प्लांट की स्थापना की जाएगी। इस प्लांट को नरई, पुआल आदि से चलाया जाएगा। अभी तक किसान नरई आदि खेतों में जला देते हैं, जिससे पर्यावरण प्रदूषित होता है। प्लांट के शुरू होने पर नरई, पुआल की क्विंटल के हिसाब से खरीद ही जाएगी, इससे किसान को प्रति एकड़ पांच हजार रुपये तक की आय होगी और पर्यावरण संरक्षण भी होगा। इस प्लांट से 25 मेगावॉट बिजली का उत्पादन किया जाएगा। इसके अलावा जिले में ही 25 करोड़ की लागत से 3.8 मेगावॉट के सोलर पावर प्लांट की स्थापना की जाएगी और लगभग 75 करोड़ की लागत से राइस एंड पैडी सेलो कॉप्लेक्स की स्थापना की जाएगी। इससे लगभग दो हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। जिले के अलावा प्रदेश में चार सौ करोड़ की लागत से विभिन्न स्थानों पर सोलर पीबी सेल के प्लांट स्थापित किए जाएंगे। प्रदेश भर में 11 सौ करोड़ की लागत से दो सौ मेगावॉट के सोलर पावर प्लांट स्थापित होंगे, जिससे प्रदेश को बिजली की समस्या से नजात मिलेगी और बिना किसी प्रदूषण के बिजली का उत्पादन होगा। 
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नरई, पुआल खेतों में जला देते हैं किसान
पुवायां तहसील खेती के काम में प्रदेश भर में अग्रणी है, लेकिन नरई, पुआल, पताई आदि के निस्तारण की बड़ी समस्या होने के चलते किसान इसे खेत में ही जला देता है, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति कम हो जाती है और प्रदूषण भी होता है। खेत में नरई आदि को सड़ाकर खाद नहीं बनाने का सबसे बड़ा कारण है कि यहां का किसान किसी भी समय खेत को खाली नहीं छोड़ता है और जल्दबाजी में नरई आदि को जला देना ही ठीक समझता है। बॉयोमास पावर प्लांट बनने से इस समस्या से छुटकार मिलेगा और किसानों को अतिरिक्त लाभ भी होगा।
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