बहुचर्चित सुखजीत सिंह हत्याकांड में शनिवार को न्यायालय से सजा सुनाए जाने के बाद पत्नी रमनदीप और उसके प्रेमी मिट्ठू को जिला कारागार में दाखिल कर दिया गया। फांसी की सजा पाने वाली रमनदीप को जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने काउंसलिंग के उद्देश्य से बुलाया। उसके चेहरे पर चिंता, दहशत बिल्कुल नहीं थी। जेल अधीक्षक के सवालों के जवाब भी फटाफट दिए।
‘सुखजीत यहां से सारी संपत्ति को बेचकर इंग्लैंड जाना चाहते थे, लेकिन उनके परिवार के लोग ऐसा नहीं चाहते थे। उन्हीं ने हत्या कर उसे फंसा दिया।’ यह बात पति की हत्या में फांसी की सजा मिलने के बाद जेल पहुंची रमनदीप ने शनिवार शाम जेल अधीक्षक की काउंसलिंग के दौरान कही।
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शनिवार को न्यायालय से सजा सुनाए जाने के बाद रमनदीप और मिट्ठू को जिला कारागार में दाखिल कर दिया गया। फांसी की सजा पाने वाली रमनदीप को जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने काउंसलिंग के उद्देश्य से बुलाया। उसके चेहरे पर चिंता, दहशत बिल्कुल नहीं थी।
जेल अधीक्षक के सवालों के जवाब भी फटाफट दिए। उससे काफी देर तक बातचीत के बाद भी फांसी की सजा को लेकर वह परेशान नजर नहीं आई। इसके बाद रमनदीप को महिला बंदियों के बीच भेजा गया। वहां भी उसका व्यवहार सामान्य रहा।
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बेफिक्र दिखे रमनदीप और मिट्ठू, दाल-सब्जी खाई, पूरी रात सोए
पति की हत्या में फांसी की सजा मिलने के बाद रमनदीप के चेहरे पर चिंता की कोई लकीर नहीं दिखी। ऐसा ही हालत उसके प्रेमी मिट्ठू का रहा। जेल में दोनों ने शाम को दाल-सब्जी और रोटी खाई और पूरी रात सोए और जेल नियम के अनुसार सवेरे जल्दी जाग गए।
जेल में की जा रही निगरानी
फांसी की सजा के चलते रमनदीप की निगरानी के लिए दो महिला बंदी व महिला सिपाही की ड्यटी लगाई गई। वह उस पर निगाह रखे हुए हैं।
आपको बता दें कि बहुचर्चित सुखजीत सिंह हत्याकांड में शनिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने एनआरआई पत्नी रमनदीप कौर को फांसी और उसके प्रेमी गुरुप्रीत सिंह उर्फ मिट्ठू को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने मामले की विवेचना में लापरवाही बरतने पर डीजीपी से विवेचक राजेश कुमार सिंह के खिलाफ एक सप्ताह में कार्रवाई की अनुशंसा की।
बंडा के बसंतापुर के मूल निवासी सुखजीत इंग्लैंड के डर्बी शहर में रहते थे। उनका फार्म हाउस बसंतापुर में है। सुखजीत की पंजाब के कपूरथला की तहसील सुल्तानपुर लोधी के गांव जैनपुर के मूल निवासी और दुबई में रहने वाले गुरुप्रीत सिंह उर्फ मिट्ठू सिंह से स्कूल के समय से मित्रता थी। सुखजीत ने जालंधर की मूल निवासी और इंग्लैंड के डर्बी शहर निवासी रमनदीप कौर से सन 2000 में शादी की थी।
इसके बाद मिट्ठू और सुखजीत की पत्नी रमनदीप कौर के बीच प्रेम संबंध हो गए। 28 जुलाई, 2016 को सुखजीत पत्नी, बच्चों और अपने दोस्त मिट्ठू के साथ भारत आए थे। देश में कई जगह घूमने के बाद वह 15 अगस्त को अपने बसंतापुर स्थित फार्म हाउस पहुंचे। एक सितंबर की रात सुखजीत की गला काटकर हत्या कर दी गई।
इस मामले में पुलिस ने मिट्ठू और रमनदीप को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया था। पुलिस के अनुसार प्रेम संबंध में रोड़ा बनने पर रमनदीप ने प्रेमी मिट्ठू के साथ मिलकर सुखजीत की हत्या की थी।
एक साल बाद रमनदीप और मिट्ठू जमानत पर बाहर आ गए थे। मुकदमा चलने के दौरान अदालत में घटना के चश्मदीद बेटे अर्जुन समेत 16 गवाह पेश किए गए। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता श्रीपाल वर्मा ने बताया कि पांच अक्तूबर को अदालत ने गवाहों के बयान और सरकारी वकील के तर्कों को सुनने के बाद रमनदीप और मिट्ठू को दोषी माना था।
शनिवार को अदालत ने दोनों की सजा का एलान किया। रमनदीप कौर को फांसी और मिट्ठू को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। अदालत ने रमनदीप पर पांच लाख और मिट्ठू पर तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।