बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार से लोगों में आक्रोश है। इसके विरोध में तमाम संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं। शाहजहांपुर के जीआईसी मैदान में बुधवार को जुटे सैकड़ों लोगों ने विरोध जताया।
शाहजहांपुर के खिरनीबाग स्थित जीआईसी मैदान में बुधवार को मानव अधिकार मंच की ओर से जनसभा में आयोजित हुई, जिसमें वक्ताओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए हुंकार भरी। वक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार को रोकने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
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खिरनीबाग मैदान में सैकड़ों लोग एकत्र हुए। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद ने कहा कि भारत से ही बांग्लादेश को चावल, बिजली जैसी मूलभूत वस्तुओं की आपूर्ति की जाती है। समय-समय पर भारत ही बांग्लादेश को सैन्य प्रशिक्षण देता है। ऐसे में वहां की सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर कदम न उठाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि कुछ पार्टियों के लोगों को संभल की हिंसा में मारे गए लोगों के लिए तो दर्द होता है लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं के मारे जाने पर कुछ कहने को तैयार नहीं होते हैं। अन्य वक्ताओं ने भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों के हनन पर चिंता जताते हुए उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की। इस दौरान सपना मैसी, डॉ. विजय पाठक, डॉ. सत्यप्रकाश मिश्र, डॉ. गौरव मिश्र, भाजपा महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता आदि मौजूद रहे।