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shahjahanpur: भाजपा विधायक सलोना कुशवाहा पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश, परिवार रजिस्टर से छेड़छाड़ का आरोप

Thu, 20 Oct 2022 09:20 PM IST
अनुराग सक्सेना संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

रुचि वर्मा के मुताबिक पूर्व में जारी नकलों में सरिता का नाम दर्ज नहीं है। परिवार रजिस्टर में छेड़छाड़ गंभीर अपराध है। इसके संबंध में उनके पास साक्ष्य भी हैं। इसकी सूचना उन्होंने थाना निगोही, एसपी, पुलिस महानिदेशक, डीएम आदि को दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
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भाजपा विधायक सलोना कुशवाह - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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परिवार रजिस्टर से छेड़छाड़ के मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-तृतीय/एमपीएमएलए कोर्ट ने तिलहर से भाजपा विधायक सलोना कुशवाहा, नगर पंचायत के मुख्य लिपिक, पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा की कथित बहू व अन्य पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

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पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा के बेटे स्व. विनोद वर्मा की पत्नी रुचि वर्मा के प्रार्थना पत्र पर अदालत ने यह आदेश दिया। रुचि वर्मा के मुताबिक विधायक और लिपिक की मदद से परिवार रजिस्टर में छेड़छाड़ कर सरिता यादव का नाम उनके दिवंगत पति की पत्नी के रूप में दर्ज कर दिया गया है।

रुचि वर्मा पत्नी स्व. विनोद वर्मा ने दंड प्रकिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था कि उनके ससुर रोशनलाल वर्मा राजनीतिक व्यक्ति हैं। हाल में हुए विधानसभा चुनाव में वह सपा प्रत्याशी के तौर पर भाजपा प्रत्याशी सलोना कुशवाहा से हार गए थे। इसके बाद से विधायक सलोना कुशवाहा लगातार उनके परिवार के लोगों को आर्थिक, सामाजिक रूप से प्रताड़ित कर रही हैं।
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आरोप है कि निगोही ग्राम पंचायत 2019 में नगर पंचायत के रूप में अधिसूचित की जा चुकी है। ग्राम पंचायत अधिकारी से परिवार रजिस्टर नगर पंचायत में लिया गया था। विधायक ने अपनी राजनीतिक ताकत का इस्तेमाल करते हुए 15 जुलाई 2022 को नगर पंचायत निगोही से निरीक्षण की बात कहते हुए परिवार रजिस्टर मूल रूप में ले लिया था। साजिश के तहत नगर पंचायत के लिपिक दानिश खां और सरिता यादव से मिलकर दस्तावेज में जालसाजी और कूटरचना करते हुए परिवार रजिस्टर में उनके मृत पति की पत्नी के रूप में सरिता यादव का नाम अंकित कर दिया।

रुचि वर्मा के मुताबिक पूर्व में जारी नकलों में सरिता का नाम दर्ज नहीं है। परिवार रजिस्टर में छेड़छाड़ गंभीर अपराध है। इसके संबंध में उनके पास साक्ष्य भी हैं। इसकी सूचना उन्होंने थाना निगोही, एसपी, पुलिस महानिदेशक, डीएम आदि को दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-तृतीय/एमपीएमएलए कोर्ट असमा सुल्ताना ने प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए निगोही थानाध्यक्ष को उचित धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत करते हुए विवेचना कराने के आदेश दिए हैं।

इस प्रकरण के संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है। इस मामले से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। यह सब मेरी राजनीतिक छवि धूमिल करने की साजिश है। जांच में सबकुछ साफ हो जाएगा।
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- सलोना कुशवाहा, विधायक तिलहर

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