शाहजहांपुर। करीब दो सौ साल पहले मुगल वास्तुकार ख्वाजा बुलंद ने शहर का जो आकार गढ़ा था उसे शाहजहांपुर महायोजना-2031 के तहत विस्तृत स्वरूप देने की प्रशासन ने तैयारी कर ली है।
बीते वर्षों में प्रभावी रही पुरानी महायोजना के तहत विकास के काफी काम हुए। बाद में नगर निगम के सीमा क्षेत्र में कई नए इलाके शामिल किए गए और अब अगले दो दशक में शहर की आबादी का अनुमान लगाते हुए उसी के अनुरूप सुविधाएं जुटाने को महायोजना में कई प्रावधान किए गए हैं। महायोजना के नक्शे की प्रदर्शनी का गांधी भवन परिसर में शनिवार को नगर आयुक्त ने फीता काटकर शुभारंभ किया। हालांकि, प्रस्तावित महायोजना के नक्शे को लेकर अभी से आपत्तियां उठने लगी हैं।
पुरानी महायोजना में दो ब्लॉक के 49 गांव पहले से शामिल
वर्ष 2011 में लागू हुई पुरानी महायोजना के तहत विनियमित क्षेत्र में शहर के आसपास भावलखेड़ा एवं ददरौल ब्लॉक के 49 गांव पहले से शामिल हैं। इन गांवों में जलालनगर, ककरा काकर कुंड, शाहबेगपुर, अजीजगंज, मड़हा, लालपुर, अकर्रा रसूलपुर, नवादा इंदेपुर, तराई, मिश्रीपुर उर्फ मुनव्वरगंज, रौसर, चौढ़ेगा बांगर, दिलावरपुर भटकर, नुसरतपुर उर्फ बाडी गांव, टुकड़ा दोयम, सराय खास, अहमदपुर नियाजपुर, लौका, रसूलपुर जहानगंज, लोधीपुर, हथौड़ा बुजुर्ग, अटसलिया, बल्लिया, जमुही, जमुका, सराय ताल्लुके छतौना, रहचुलिया, शहर खास ब, शहर खास, रसकूपा बहादुरपुर, पिपरौला अहमदपुर, मुकुलापुर, धरनीधरपुर, जमौर, सहजना ताल्लुके मुकुलापुर, रामपुर ताल्लुके अजीजगंज, भेदपुर, रहमानपुर उर्फ राईखेड़ा, मौजमपुर, शहबाजनगर, रायखुर्द, सतवां बुजुर्ग, सतवां खुर्द, बहादुरपुर बरहा, पैना खुर्द, नगरिया वहाब, पैना बुजुर्ग, शाहजहांपुर शुमाली, चक मारूख और चिनौर शामिल हैं।
नई महायोजना के दायरे मेें आएंगे कई गांव
वर्ष 2031 की महायोजना के नक्शे के अनुसार विनियमित क्षेत्र का सीतापुर मार्ग पर जमुका गांव तक, बरेली मार्ग पर रहमाननगर उर्फ खाई खेड़ा तक, हरदोई मार्ग पर रौसर व चौढ़ेरा तक, पीलीभीत मार्ग पर सतवां खुर्द तक, मोहम्मदी मार्ग पर हथौड़ा गांव के आगे तक, जलालाबाद मार्ग पर धरनीधरपुर तक और पुवायां मार्ग पर पैना बुजुर्ग के पास रिंग रोड के आगे तक विस्तार किया जाना है। इसलिए माना जा रहा है कि महायोजना को स्वीकृति मिलने पर शहरी क्षेत्र के आसपास के करीब दो दर्जन अन्य गांव भी विनियमित क्षेत्र में आ जाएंगे।
हाईवे के दोनों ओर मिलेंगी जरूरी सुविधाएं
प्रस्तावित महायोजना के मानचित्र में शहर के बीच से निकले लखनऊ-पलिया नेशनल हाईवे के दोनों ओर 300-300 मीटर की पट्टी हाईवे फैसिलिटी एरिया के तौर पर खाली छोड़ी गई है। नक्शा प्रदर्शनी आयोजित करने को बरेली के संभागीय नियोजन खंड के सहयुक्त नियोजक रवींद्र कुमार गौतम, विभागीय कर्मचारी राजेंद्र कुमार और राजेंद्र सिंह के साथ शनिवार को यहां पहुंचे। उन्होंने बताया कि हाईवे फैसिलिटी एरिया में केवल रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, लॉज, पेट्रोल पंप आदि ऐसे निर्माण कार्यों की अनुमति दी जाएगी, जिनसे हाईवे पर चलने वालों को जरूरी सुविधाएं मिल सकें। इस क्षेत्र में अन्य व्यवसायिक अथवा आवासीय निर्माण की अनुमति नहीं होगी।
नक्शे को लेकर उठने लगीं आपत्तियां
पुराना नक्शा साथ में लगाया जाता तो विस्तारित क्षेत्र के बारे में बेहतर जानकारी मिलती। अजीजगंज डैम का रास्ता पुराने नक्शे की तरह नए मानचित्र से भी गायब है। शहर के अन्य अंदरूनी मार्ग भी प्रस्तावित महायोजना के नक्शे में स्पष्ट नहीं हैं। - प्रतीक अरोड़ा, आर्किटेक्ट, जेल रोड
शहर में पार्क बनाना अच्छी बात है, लेकिन नक्शे में उनका स्थान आबादी क्षेत्र में सरकारी जमीनों के बजाय निजी भूखंडों पर दिखाया गया है। लोधीपुर में सिटी पार्क और ग्रीन वैली स्कूल के पीछे निजी क्षेत्र की जमीन पर पार्क दर्शाया गया है। इन जमीनों के अधिग्रहण पर मुआवजा की प्रक्रिया भी स्पष्ट होनी चाहिए। - अशोक गुप्ता, आर्किटेक्ट, बिजलीपुरा
महायोजना के नक्शे की प्रदर्शनी लगाने का उद्देश्य यही है कि यदि उसमें खामियां हों तो लोग अपनी लिखित आपत्तियां और सुझाव दें। आपत्तियां और सुझाव प्रदर्शनी की निर्धारित अवधि 21 अगस्त तक बरेली के संभागीय नियोजन खंड कार्यालय अथवा विनियमित क्षेत्र के स्थानीय कार्यालय को दिए जा सकते हैं। आपत्तियों और सुझावों के आधार पर महायोजना के मानचित्र में संशोधन कराया जाएगा और इसके बाद ही महायोजना स्वीकृत होगी। - आशीष कुमार सिंह, नियत प्राधिकारी (विनियमित क्षेत्र)/सिटी मजिस्ट्रेट