हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश करते हुए तिलहर के हिंदू पट्टी निवासी असमत उल्ला उर्फ बाबू ने कछियानी खेड़ा हनुमान मंदिर की पुनर्स्थापना के लिए अपनी एक बीघा जमीन बजरंगबली हनुमान के नाम दान कर दी है। मंगलवार की शाम रजिस्ट्रार कार्यालय में एसडीएम राशि कृष्णा को दानपत्र की रजिस्ट्री की गई। रजिस्ट्री के बाद एसडीएम और तहसीलदार असमत उल्ला के साथ मंदिर पहुंचे। यहां पर रजिस्ट्री के पेपर बजरंगबली के चरणों में अर्पित किए गए।
लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर कछियानी खेड़ा हनुमान मंदिर स्थित है। हाईवे चौड़ीकरण में बाधा बनने पर मंदिर को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। मंदिर को रास्ते से हटाते हुए पीछे स्थापित किए जाने की योजना है। इसका काम भी शुरू हो गया है। मंदिर निर्माण के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की भूमि कम होने के कारण असमत उल्ला उर्फ बाबू की जमीन को खरीदने की योजना बनाई गई थी।
बाद में पूर्व केंद्रीय गृहराज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद के हस्तक्षेप पर मुख्यमंत्री के माध्यम से असमत उल्ला से बात की गई। इसके बाद भूमिस्वामी असमत उल्ला मंदिर के पीछे अपनी जमीन के रकबे में से एक बीघा जमीन मंदिर के नाम दान करने के लिए राजी हो गए। असमत उल्ला ने बताया कि हिंदू-मुस्लिम एकता की साझी विरासत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबका साथ-सबका विकास से प्रेरित होकर हनुमान मंदिर के लिए अपनी एक बीघा भूमि बजरंगबली हनुमान के नाम दान कर दी है।