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Shahjahanpur News: सीवर लाइन लीक, नालों की सफाई अधूरी...बारिश में जलभराव से शहर बेहाल

Thu, 23 Jul 2026 12:57 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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सीएम ग्रिड ग्रीन रोड पर खुला हुआ सीवर लाइन का ढक्कन। संवाद
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शाहजहांपुर। शहर में सीवर लाइन बिछाने और नालों की सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद बारिश के दौरान जलभराव की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। कई स्थानों पर सीवर लाइन में लीकेज होने से गंदा पानी गलियों और घरों तक पहुंच रहा है, जबकि नालों की समय पर सफाई न होने से मुख्य सड़कें और मोहल्ले जलमग्न हो रहे हैं। इससे लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है और मकानों को भी नुकसान पहुंच रहा है।
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शहर में 26 बड़े और 155 छोटे नाले हैं। बड़े नालों की सफाई में 65 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं, 155 छोटे नालों की सफाई के लिए 412 रुपये प्रतिदिन में 200 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को लगाया गया था। छोटे नालों की सफाई पर 37 लाख 79 हजार रुपये खर्च किए गए हैं। कुल मिलाकर करीब एक करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी लोगों को बरसात में जलभराव की मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, करीब 250 करोड़ से शहर में सीवरलाइन डालने के बावजूद मैनहोल के ढक्कन तक सही स्थिति में नहीं है। बरसात में सीवर लाइन से गंदा पानी लीक हो रहा है। कई जगहों पर मैनहोल के ढक्कन सड़क से ऊपर-नीचे हैं।
शहर के बाडूजई, ब्रजविहार कॉलोनी, गांधीनगर, भारद्वाजी, मोहनगंज, गोविंदगंज, टाउनहॉल, चौक, बिसरात समेत तमाम मोहल्लों में जरा-सी बारिश में जलभराव हो जाता है। गांधीनगर कॉलोनी के लोग पिछले एक वर्ष से जलनिकासी न होने की समस्या झेल रहे हैं। कॉलोनी का नाला पहले रेलवे की जमीन से होकर गुजरता था, लेकिन रेलवे द्वारा दीवार बनाकर रास्ता बंद कर दिए जाने से पानी की निकासी रुक गई। इसके बाद बारिश के दौरान गलियों से लेकर घरों तक पानी भरने लगा। कॉलोनी के लोग मंत्री, डीएम और नगर आयुक्त तक शिकायत कर चुके हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल सका।
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नगर निगम ने दुर्गा होटल मोड़ से कॉलोनी तक नया नाला बनाने का टेंडर तो जारी किया, लेकिन तकनीकी कारणों से निर्माण शुरू नहीं हो पाया। फिलहाल अस्थायी व्यवस्था के तहत पाइपलाइन और मोटर के जरिए पानी नाले में पानी छोड़ा जा रहा है। बिजली गुल होते ही यह व्यवस्था भी ठप हो जाती है। कई परिवारों ने पानी रोकने के लिए घरों के दरवाजों पर ऊंची दीवारें बना ली हैं, फिर भी पानी घरों में घुसकर नुकसान पहुंचा रहा है।


भारद्वाजी कॉलोनी में भी हालात बदतर

भारद्वाजी कॉलोनी में भी जलनिकासी का कोई समुचित इंतजाम नहीं है। कॉलोनी के बाहर का नाला चोक होने और रेलवे की ओर जाने वाला रास्ता बंद होने से बारिश का पानी जमा हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।


ग्रीन रोड पर पहली बारिश में ही सीवर लीकेज
अहमद उल्ला शाह पार्क से तेल टंकी चौराहा तक सीएम ग्रिड योजना के तहत करीब छह करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई चार सौ मीटर ग्रीन रोड पर भी पहली ही बारिश में सीवर लाइन लीक होने लगी। सड़क का निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद अभी तक इसे नगर निगम को हस्तांतरित नहीं किया गया है। सीवर लीकेज के कारण आसपास की गलियों और मकानों में पानी भरने लगा है।


लोगों की पीड़ा

फोटो-5
रेलवे की ओररेस नाले का रास्ता बंद किए जाने से बारिश में गली से लेकर घर तक पानी भर जाता है, इसका समाधान नहीं हो रहा।

विजय श्रीवास्तव, गांधीनगर कॉलोनी
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लगातार जलभराव से मकान को नुकसान हो रहा है। पानी रोकने के लिए घर के अंदर दीवार बनवाई, फिर भी राहत नहीं मिली।

सुनील सक्सेना, गांधीनगर कॉलोनी
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ग्रीन रोड बनने के बाद सीवर लाइन ऊंची होने से लीकेज की समस्या बढ़ गई है। बारिश में गलियां और घर पानी से भर जाते हैं।

आरिफ, बाडूजई पेशावरी
फोटो-8
ग्रीन रोड का निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं हुआ। सीवर लीकेज, सड़क में दरारें और खराब स्ट्रीट लाइटें निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करती हैं।

विवेक दीक्षित, मोहनगंज

ग्रीन रोड पर सीवर लीकेज की जांच कराई जा रही है। नालों की सफाई समय पर नहीं कराने वाली फर्म का भुगतान रोका जाएगा। गांधीनगर में नाला निर्माण के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की राय ली जा रही है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।

सौम्या गुरुरानी, नगर आयुक्त

सीएम ग्रिड ग्रीन रोड पर खुला हुआ सीवर लाइन का ढक्कन। संवाद

सीएम ग्रिड ग्रीन रोड पर खुला हुआ सीवर लाइन का ढक्कन। संवाद

सीएम ग्रिड ग्रीन रोड पर खुला हुआ सीवर लाइन का ढक्कन। संवाद

सीएम ग्रिड ग्रीन रोड पर खुला हुआ सीवर लाइन का ढक्कन। संवाद

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