बंडा ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय पिपरिया घासी की शिक्षामित्र प्रतिभा शुक्ला सात सालों से ज्वानिंग के लिए भटक रही हैं। प्रसूति अवकाश से लौटने के बाद से लेकर अब तक प्रधानाध्यापक ने विद्यालय में उन्हें ज्वाइन नहीं करने दिया। इसकी शिकायत प्रतिभा ने शुक्रवार को बीएसए दफ्तर में शिकायती पत्र देकर की। साथ ही ज्वाइनिंग कराए जाने की गुहार लगाई।
प्रतिभा ने कहा कि वर्ष 2006 के मई माह में वह शिक्षामित्र पद पर नियुक्ति हुई थीं। मार्च 2008 में उन्होंने प्रसूति अवकाश के लिए बंडा के तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी को प्रार्थना पत्र भी दिया गया था। तब खंड शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापक को आदेशित किया था कि वह शिक्षामित्र के परिवार के किसी सदस्य से शिक्षामित्र का कार्य लें। इस पर प्रतिभा के पति ने शिक्षण कार्य किया। प्रतिभा ने आरोप लगाया कि प्रसूति अवकाश के बाद जब वह विद्यालय में ज्वाइन करने के लिए गईं तो प्रधानाध्यापक ने हाजिरी रजिस्टर पर हस्ताक्षर नहीं करने दिए। कहा, वह कई बार शिकायत कर चुकी है। उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने बीएसए से विद्यालय में शिक्षामित्र पद पर ज्वाइन कराने की गुहार की है।