शाहजहांपुर। कांट पुलिस और एसओजी ने डकैती की योजना बना रहे सीढ़ी गैंग का भंडाफोड़ करते हुए सात बदमाशों को गिरफ्तार किया है। जेल में गैंग बनाकर छूटने के बाद बदमाश घटनाओं को अंजाम देने लगे थे। पुलिस ने पूर्व में हुई चोरियों का खुलासा करते हुए मुगलकाल व विदेशी सिक्के, लाखों के आभूषण आदि को बरामद किया है। गैंग में पांच बदमाश पड़ोसी जिलों के हैं।
शुक्रवार रात 12 बजे कांट इंस्पेक्टर मनोज त्यागी व एसओजी प्रभारी रोहित सिंह को मुखबिर ने रावतपुर नखासा के पास गल्ला गोदाम की खंडहर बिल्डिंग में संदिग्ध लोगों के होने की सूचना दी। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में जेवर, तमंचा व कारतूस बरामद हुए। बदमाशों ने कई घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की। पुलिस ने थाना सदर बाजार क्षेत्र की सुभाषनगर कॉलोनी निवासी जीएफ कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रोफेसर अब्दुल मोमिन, चौक कोतवाली की साउथ सिटी कॉलोनी में दो चोरियों का खुलासा किया है।
ये हुए गिरफ्तार
एसपी एस आनंद ने बताया कि पुलिस ने महानंदन उर्फ पंडित निवासी ग्राम रफातपुर थाना इस्लामनगर जिला बदायूं, दानवीर निवासी ग्राम परसोना खलीलपुर थाना निगोही, धर्मेंद्र उर्फ रजनीश निवासी धीयर मौलिया रेलवेगंज थाना कोतवाली जिला हरदोई, गैंग लीडर राजेश उर्फ मंगू लाल निवासी रहीमापुर मजरा मोहिद्दीनपुर थाना पसगवां लखीमपुर खीरी, प्रवीण दीक्षित उर्फ मजनू निवासी मबेईया थाना बेहटा गोकुल जिला हरदोई, आनंद गौतम उर्फ यानेंद्र निवासी फजुल्लागंज सीताराम मंदिर थाना मढिय़ावां जिला लखनऊ और धर्मवीर उर्फ कल्लू निवासी महमंद जलालनगर थाना सदर बाजार को गिरफ्तार किया है।
मुगलकाल व विदेशी सिक्के और जेवर बरामद
पुलिस ने बदमाशों को गिरफ्तार करने के बाद उनकी निशानदेही से मुगलकाल के समय के चांदी के 24 सिक्के, 100 वर्ष पूर्व के तांबे के 18 सिक्के, कनाडा, आस्ट्रेलिया, मॉरीशस व विभिन्न देशों के 71 सिक्के व सोने-चांदी के जेवरात, मोबाइल, घड़ी व अवैध असलाह आदि को बरामद कर लिया है।
जेल में दोस्ती के बाद बना सीढ़ी गैंग, मंगू ने संभाली थी कमान
सीढ़ी गैंग की पटकथा शाहजहांपुर जेल में लिखी गई थी। आरोपी कल्लू उर्फ धर्मवीर, दानवीर और आनंद गौतम पुराने गैंग के सदस्य रह चुके थे। पुलिस ने वर्ष 2020 में तीनों को अन्य साथियों के साथ जेल भेज दिया था। चोरी व अन्य आपराधिक मामलों में राजेश उर्फ मंगू समेत अन्य लोग भी जेल में बंद थे। जेल में इनकी गहरी दोस्ती हो गई। पुलिस के मुताबिक, जेल में सीढ़ी गैंग बनाने की भूमिका तैयार हो गई थी। दो माह पहले जेल से बाहर आने के बाद गैंग बना और राजेश उर्फ मंगू ने कमान संभाल ली। एसपी एस. आनंद ने बताया कि गैंग के सदस्य एक-दो दिन पहले रेकी कर बंद या रोड से पांच से छह सौ मीटर की दूरी वाले मकानों की रेकी करते थे। बाहर से अच्छी हालत में दिखने वाले मकानों को भी निशाना बनाते थे। रात में इकट्ठा होकर घरों में सीढ़ी लगाकर घुस जाते थे। घटना को अंजाम देने के बाद सुनसान इलाके में रुककर दिन निकलने का इंतजार करते थे। चहलपहल होने पर निकलकर आराम से घरों पर पहुंचते थे।