पुवायां। पुलिस ने मोहम्मदी तिराहे के पास से सात लोगों को पकड़ा है। आरोपियों में पांच राजस्थान के हैं। सीओ अनुसार गिरोह के लोग एटीएम बदलकर और गरीबों के बैंक में खाते खुलवाकर उनके खातों से लाखों की राशि जमाकर निकलवा लेते थे।
पुलिस ने राजस्थान के जिला अलवर के थाना कठुमर के गांव इमरती काबास के अशफाक खां, इरफान, जिला भरतपुर के थाना नगर के गांव फिरासका नगर के तौफीक खां, भरतपुर के थाना सिकरी के गांव डभावली के आबिद और उमेश, मथुरा के थाना गोवर्धन के गांव दोसेरस के मोहम्मद खां, लखीमपुर के थाना खीरी के गांव ओयल के सचिन वर्मा को पकड़ा है। लखीमपुर के थाना कोतवाली के गांव रमुआपुर का कुलदीप और पुवायां के गांव मुड़िया वैश्य का कमल सिंह भाग निकले। आरोपियों के पास से 14 डेबिट कार्ड, तीन तमंचे, तीन कारतूस, 18200 रुपये, पांच मोबाइल, एक कार और एक बाइक बरामद की गई है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कमल और कुलदीप अपनी जान पहचान और गरीब लोगों को लोन दिलाने, आवास दिलाने, नौकरी दिलाने आदि के नाम पर बैंक में खाता खुलवा देते थे और उनका एटीएम खुद रख लेते थे।
इसके बाद फर्जी आईडी से सिम लेकर बैंक खाते से लिंक करा लेते थे और साइबर ठगी कर रुपयों को इन्हीं बैंक खातों में मंगवाकर एटीएम से निकाल लेते थे। पुलिस को अब तक 24 से अधिक बैंक खातों का पता चला है जिनसे करोड़ों का लेन-देन किया जा चुका है। गिरोह का सरगना मथुरा के गांव दोसेरास अशफाक खां और तसलीम हैं। गिरोह का राजस्थान के अलवर, भरतपुर और मथुरा के आसपास पूरा नेटवर्क है। गिरोह के लोग रुपये निकालने गए लोगों के एटीएम बदलकर भी रुपये निकाल लेते हैं।