गांव मनोरथपुर सहसोबारी में करीब एक सप्ताह के अंदर रहस्यमयी बुखार की चपेट में आकर सात बच्चों की मौत हो गई। इसके चलते गांव में हड़कंप मचा हुआ है। हरिपाल के अनुसार बेटे को बुखार आने पर वह 2 अगस्त की शाम जलालाबाद से दवा ले आए थे लेकिन अगले दिन उसकी मौत हो गई। जबकि दूसरा 12 साल का बेटा आकाश भी बुखार की चपेट में है। दूसरी बच्ची लालमनि की चार वर्ष की संध्या है। एक जुलाई को बुखार आया दो जुलाई की सुबह जलालाबाद के प्राइवेट डॉक्टर से दवा दिलाई लेकिन तीन जुलाई की शाम उसकी मौत हो गई। फू ल सिंह की तीन वर्ष की बेटी सुभाषना की मौत भी तीन जुलाई को मौत हो गई। राकेश की आठ वर्ष की बेटी अनीता की आठ अगस्त की सुबह मौत हो गई। राजेश के 14 दिन के बेटे की भी बुखार आने के बाद मौत दो दिन पहले हो गई। लालू की दो वर्ष की बेटी दिव्यांशी की मौत भी इसी तरह के बुखार से चार अगस्त को हो गई थी। लालू भी अपनी बच्ची की दवा जलालाबाद के प्राइवेट डॉक्टर के यहां से ले गये थे। पंडे की नौ वर्ष की बेटी को पांच जुलाई को बुखार आ गया। इलाज के लिए शाहजहांपुर ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। एक सप्ताह के अंदर लगातार हुई सात मौतों से पूरे गांव में हड़कंप मचा हुआ है।