शाहजहांपुर। लोकसभा चुनाव में छोटे राजनीतिक दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों पर नोटा भारी पड़ा। प्रत्याशियों को वोट पाने में पसीने छूट गए। नोटा (नन ऑफ द अबव) का बटन 8483 लोगों ने दबाया।
चुनाव की मतगणना के दौरान छोटे दलों व निर्दलीय प्रत्याशियों की स्थिति काफी ज्यादा खराब रही। भाजपा, सपा और बसपा को छोड़ दें तो राष्ट्रीय सनातन पार्टी की किरण ने 6578 वोट हासिल किए। इसी तरह निर्दलीय शिवकुमार ने 2803, धर्मपाल ने 1422, मीना कश्यप ने 2060, प्रदीप कुमार ने 2003, सरदार पटेल सिद्धांत पार्टी के प्रेमचंद्र ने 1686, मानव क्रांति पार्टी के रमेश चंद्र ने 1074 वोट हासिल किए। सनातन पार्टी के अतिरिक्त अन्य उम्मीदवाराें को तीन हजार का आंकड़ा पार करने में पसीना आ गया। नोटा ने 8483 वोट हासिल किए हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में 6436 लोगों ने नोटा का बटन दबाया था।
ददरौल में 1322 वोट नोटा को मिले
-ददरौल विधानसभा के उपचुनाव में सात प्रत्याशियों को नोटा ने हरा दिया। नोटा को 1322 वोट मिले हैं, जबकि छाेटे राजनीतिक दल व निर्दलीय एक हजार का आंकड़ा पार नहीं कर पाए।
भाजपा और सपा पर जमकर वोट बरसे, जबकि बसपा प्रत्याशी सर्वेश मिश्रा धांधू ने भी काफी वोट अपने पाले में किए। जबकि राष्ट्रीय महान गणतंत्र पार्टी के रामपाल, ने 796, नेता जी सुभाष चंद्र बोस राष्ट्रीय आजाद पार्टी के स्वयं प्रकाश कौशल ने 664, निर्दलीय कंचन ने 577,राशिद खां ने 512, अजीत शुक्ला ने 379, दवेश शुक्ला ने 377 और आराधना मिश्रा ने 288 मत हासिल किए। इन सबसे अधिक 1322 वोट नोटा ने हासिल किए हैं।