बैठक में दिशानिर्देश देते डीएम। स्रोत: संवाद
शाहजहांपुर। डीएम उमेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित कार्यक्रमों एवं योजनाओं की समीक्षा की। ब्लाॅक कलान में लंबे समय से अनुपस्थित रहने के कारण डीएम ने तीन आशा वर्करों की सेवा समाप्त कर दी। खराब प्रदर्शन पर ब्लाॅकों की प्रगति में सुधार करने के सख्त निर्देश दिए। मुख्य सेविकाओं द्वारा टीकाकरण शिविर में वजन मशीन नहीं ले जाने पर सीडीपीओ से जवाब तलब किया।
मातृत्व वंदना योजना की मंडल में प्रथम और प्रदेश में 10वीं रैंक आने पर डीएम ने खराब प्रगति वाले ब्लाॅकों को सुधार करने के निर्देश दिए। आयुष्मान भारत योजना में 12 लाख के सापेक्ष 70.42 प्रतिशत प्रगति के साथ लगभग आठ लाख पंजीकरण किए गए है। डीएम ने डीपीआरओ को निर्देश दिए कि पंचायत सहायकों को लगाकर सभी ब्लाॅकों में और अधिक पंजीकरण कराए जाएं। डीएम ने 65 प्रतिशत से कम प्रगति वाले ब्लाॅकों की सूची डीपीआरओ को उपलब्ध कराने के लिए कहा। सीएमओ डॉ. आरके गौतम ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत जनपद में 17 प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सूचीबद्ध किए जा चुके हैं। सात प्रक्रियाशील हैं। 4880 गर्भवती महिलाओं को निशुल्क अल्ट्रासाउंड के लिए क्यूआर जनरेट किया जा चुका है। क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 51 ग्राम पंचायतें क्षय रोग मुक्त हो चुकी हैं। संबंधित अधिकारी द्वारा क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध न कराने पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त कर कार्यक्रम के प्रति गंभीरता बरतने के निर्देश दिए। फाइलेरिया नियंत्रण के संबंध में एमओआईसी को बीडीओ के साथ फील्ड पर कार्य करने और स्कूलों में अभिभावकों के साथ बैठक करने के लिए कहा।