पीड़िता के पिता ने रिपोर्ट में बताया था कि दस जनवरी 2019 की शाम उसकी बेटी पड़ोस के बग्गर से लकड़ी लेने के लिए गई थी। उसके वापस न आने पर वह अपनी बड़ी बेटी के साथ उसे ढूंढने निकला। उसने देखा कि जान मोहम्मद, शान मोहम्मद और नूर मोहम्मद ने तमंचे के बल पर उसकी बेटी से दुष्कर्म किया।
शाहजहांपुर में प्रथम फास्ट ट्रैक के अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद कमर ने दुष्कर्म के एक दोषी को सात वर्ष के कारावास और 13 हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया है। इस मुकदमे के दो सगे भाइयों को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
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एडीजीसी संजीव कुमार सिंह और उमेश चंद्र अग्निहोत्री ने बताया कि कटरा थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। उस व्यक्ति की पुत्री दस जनवरी 2019 की शाम पड़ोस के बग्गर से लकड़ी लेने के लिए गई थी। उसके वापस न आने पर वह अपनी बड़ी बेटी के साथ उसे ढूंढने निकला। उसने देखा कि जान मोहम्मद, शान मोहम्मद और नूर मोहम्मद ने तमंचे के बल पर उसकी बेटी से दुष्कर्म किया।
विवेचक ने इस मामले में तीनों सगे भाइयों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय भेजा। अदालत में गवाहों के बयानों और सरकारी वकील के तर्कों को सुनने के बाद नूर मोहम्मद को दोषी पाया गया। अदालत ने उसे सात साल की कैद और 13 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया। जान मोहम्मद और शान मोहम्मद को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।