एसएस कॉलेज के शिक्षक-शिक्षा विभाग में महिला सशक्तिकरण पर गोष्ठी हुई, जिसमें स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने कहा कि भारत की नारियां सदैव सशक्त रही हैं और उन्हें हमेशा ही मान-सम्मान से देखा जाता रहा है।
चिन्मयानंद ने कहा कि पाश्चात्य देशों में महिलाओं को बाजार से जोड़कर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जाता रहा है। अब यही दशा भारत के बाजारवाद में देखने को मिल रही है, जो चिंताजनक है। हमें अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संजोकर रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमें उच्च आदर्शों और मूल्यों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने बहुत जरूरत है। प्राचार्य डॉ. अवनीश मिश्र ने विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के योगदान की चर्चा करते हुए उन्हें सशक्त बनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर प्रबंध समिति के सदस्य राम सागर यादव, डॉ. एसजे सिंह, डॉ. विनीत श्रीवास्तव आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
गोष्ठी में शिक्षकों के अलावा प्रीति वर्मा, रीतू देवी, आदित्य कुमार, राजेश उपाध्याय, मो. आसिफ, मोनिका सिंह, सुमित मिश्रा, वंदना भारती, मो. दिलशाद, दिव्या गुप्ता, जोगेंद्र सिंह, कुमकुम, गुरुवीर, विवेक, प्रदीप, जागृति, गौरव, मुनेश्वर आदि विद्यार्थियों ने भी सारगर्भित विचार रखे। कल्पना भारती और अतुल राठौर के संचालन में हुई गोष्ठी में विभागाध्यक्ष डॉ. एमके वर्मा ने आभार जताया।