शाहजहांपुर के चौक कोतवाली के मोहल्ला जियाखेल में बृहस्पतिवार की दोपहर सिलिंडर लीक होने से लगी आग में दस वर्षीय मोहन की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के मुताबिक, आग लगने पर मोहन कमरे के अंदर की ओर भागा। खुद को बचाने के लिए कमरे के अंदर रखी रजाई अपने ऊपर डाल ली। आग अधिक होने से बुरी तरह झुलस गया। बाद में उसकी मौत हो गई।
शुक्रवार की दोपहर पोस्टमॉर्टम हाउस पर मोहन के पिता बसंत रह-रहकर सिसक पड़ते थे। उन्होंने बताया कि मोहन उनका इकलौता बेटा था। कुछ साल पूर्व उनकी पत्नी की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। चार बेटियां हैं। उन्हीं पर परिवार की जिम्मेदारी है। किराना की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बृहस्पतिवार की दोपहर गैस खत्म होने पर सिलिंडर लगाया। रेग्यूलेटर फिट करने के बाद जैसे ही गैस चूल्हा जलाया, आग लग गई।
बेटियां चीखती हुईं घर के बाहर भागीं, लेकिन बेटा अंदर की ओर भागा। खुद को बचाने के लिए उसने अपने ऊपर रजाई डाल ली। बेटे को इलाज के लिए सैफई ले जाते समय उसकी रास्ते में मौत हो गई। मोहन की मौत से उसकी बहन नीलम, ममता, हेमलता और मेघा गुमसुम हो गईं हैं। चौक कोतवाली प्रभारी अश्वनी सिंह ने बताया कि बालक के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है।