पुवायां। सरकार बेसिक शिक्षा पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। बच्चों को स्कूल ले जाने के लिए, मिड-डे मील, ड्रेस और स्वेटर वितरण की योजनाएं चलाई जा रही हैं। मगर जिले में शिक्षकों की अनियमित तैनाती से बेसिक शिक्षा का बुरा हाल है। पुवायां इलाके के गांव बेला स्थित पूर्व माध्यमिक स्कूल में एक भी शिक्षक नहीं है। इस कारण पिछले चार दिनों से स्कूल बंद है और बच्चों को बैरंग घर लौटना पड़ता है। मंगलवार को भी यह स्कूल बंद रहा, जिससे बच्चों को बैरंग लौटना पड़ा।
पुवायां के गांव बेला छेदा के पूर्व माध्यमिक स्कूल में 122 बच्चों के नाम दर्ज है। ग्राम प्रधान सुशीला देवी के बेटे करुणा शंकर ने बताया कि पिछले वर्ष यहां एक भी शिक्षक नहीं था, जिससे कई माह तक स्कूल बंद रहा था। मामला अखबारों की सुर्खियां बना तो अधिकारियों ने शिक्षक गरिमा देवी तैनात कर दिया था। उन्हीं के सहारे स्कूल चल रहा था। अब टीचर गरिमा छह माह के प्रसूति अवकाश पर चली गई। आला अफसरों ने गरिमा की छुट्टी तो स्वीकृत कर दी, लेकिन विद्यालय में किसी दूसरे शिक्षक की तैनाती नहीं की। इस कारण पिछले चार दिनों से स्कूल बंद पड़ा है।
प्रधान के बेटे करुणाशंकर के अनुसार उन्होंने एनपीआरसी विनोद सिंह को स्कूल में शिक्षक न होने की जानकारी दी थी। इस पर एनपीआरसी ने पड़ोस के स्कूल से एक शिक्षामित्र सत्यपाल को भेजा था। मगर शिक्षामित्र सत्यपाल एक ही दिन स्कूल आए। पिछले चार दिनों से शिक्षक न होने वजह से स्कूल बंद है।
शिक्षिका गरिमा देवी छह माह के अवकाश पर हैं। प्रकरण संज्ञान में आया है। बुधवार को नए शिक्षक की तैनाती करके स्कूल खुलवाया जाएगा। जिससे शिक्षण कार्य सुचारु हो सके।
रामकिशोर, बीईओ पुवायां