शाहजहांपुर। गैंग बनाकर राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना पर डाली गई डकैती का खामियाजा अब तक बुजुर्ग भुगत रहे हैं। जिन 2390 वृद्धजनों के खातों को जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार के डोंगल के इस्तेमाल से बदला गया था, उनके खातों में अब तक पेंशन के रुपये नहीं आए हैं। छह सौ बुजुर्गों की पेंशन केवाईसी पूरी नहीं होने के कारण नहीं आ रही है। बुजुर्ग विभागीय अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन यहां भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है।
राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन के तहत जिले के करीब एक लाख बुजुर्गों को हर महीने एक हजार रुपये मिलता है। आमतौर पर हर तीसरे महीने तीन हजार रुपये खाते में डाले जाते हैं। ये रुपये गरीब बुजुर्गों का बड़ा सहारा साबित होते हैं। 2023 में 2390 बुजुर्गों के खाते घोटालेबाजों ने बदल दिए। पेंशन नए खातों में चली गई।
जब बुजुर्गों की कई महीने पेंशन नहीं आई तो उन्होंने विभाग के चक्कर लगाने शुरू किए। तब उच्च अधिकारियों के संज्ञान में मामला आया और पूरा घोटाला सामने आ गया। विभागीय लोगों के मुताबिक, अब तक 50 लाख रुपये की वसूली हाे चुकी है। कुछ बुजुर्गों की पेंशन तकनीकी कारणों की वजह से अटकी है।
दो करोड़ 52 लाख रुपये का घोटाला हुआ था। तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार को बर्खास्त किया जा चुका है। घोटाले में लिप्त नौ लोगों को एफआईआर दर्ज करने के बाद जेल भेजा गया। घोटालेबाजों की करतूत का खामियाजा भुगत रहे बुजुर्ग जब समाज कल्याण विभाग जाते हैं तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है।
शासनस्तर का मामला बताकर उन्हें टरका दिया जाता है। कई बुजुर्ग ऐसे हैं जो चलने-फिरने में पूरी तरह समर्थ नहीं हैं, कई ऐसे हैं जो मोतियाबिंद या अन्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, इसके बावजूद वे सरकारी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर पेंशन मिल जाती तो उनके बड़े काम आती।
500 से अधिक लोगों से 50 लाख रुपये के करीब हुई वसूली
विभाग के मुताबिक 500 से अधिक लोगों से करीब 50 लाख रुपये से अधिक की वसूली हो पाई है। इसमें बड़ौदा यूपी बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा व इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के खाताधारकों से सबसे ज्यादा वसूली की धनराशि बाकी है। विभाग की ओर से खातों का सत्यापन कार्य कराया गया था। अब शासन के माध्यम से ही ऑनलाइन पेंशन बुजुर्गों के खातों में आ रही है।
केवाईसी न होने पर अटकी 600 बुजुर्गों की पेंशन
घोटाले के कारण प्रभावित 2390 बुजुर्गों के अलावा करीब 600 बुजुर्ग ऐसे भी हैं जिनकी पेंशन केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं होने से अटकी हुई है। इसके अलावा कई ऐसे बुजुर्ग भी हैं जिनके खातों में पेंशन की धनराशि नहीं जा रही लेकिन उन्हें इसका कारण नहीं पता। पूर्व में डीएम ने समाज कल्याण विभाग में बुजुर्गों की पेंशन संबंधी समस्याओं के हल के लिए अलग डेस्क बनाई थी लेकिन स्थिति में सुधार नहीं आया।
बुजुर्गों से बातचीत
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दो साल से पेंशन नहीं आई है। कार्यालय में दोबारा फार्म भी भरवाया गया। इसके बाद भी पेंशन नहीं आ रही है। कार्यालय के चक्कर लगाकर परेशान हो गए हैं। विभाग के कर्मचारी सही बात बता नहीं रहे।
- सेवाराम, किशुरिहाई कांट
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दो साल पहले सबकी पेंशन रोकी गई थी। इसमें मेरी भी पेंशन रोक दी गई। अन्य लोगों की पेंशन आने लगी है, लेकिन अब तक हमारे खाते में पेंशन नहीं आई है। आंख में मोतियाबिंद है। दफ्तर आने में बहुत परेशानी हो रही है।
- सोहनलाल, रसेवन, कटरा
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छह माह से खाते में पेंशन नहीं आई है। कार्यालय से लेकर बैंक तक चक्कर लगा चुके हैं। बैंक और कार्यालय में कर्मचारी सही बात नहीं बताते हैं। पेंशन बड़ा सहारा है मगर सरकार ने वंचित रखा हुआ है।
- नत्थूलाल, बीबीजई हद्दफ
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दो साल से खाते में पेंशन नहीं आई है। काफी बीमार रहते हैं। आर्थिक तंगी चल रही है। कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। बीमारी की हालत में कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। फिर भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
- वेदराम, लक्ष्मीपुर करौंदा
वृद्धावस्था पेंशन घोटाले में इस्तेमाल किए गए खातों से वसूली की प्रक्रिया चल रही है। अब तक 50 लाख रुपये की वसूली हो चुकी है। बाकी लोगों की समस्या का समाधान किया जा रहा है।
- राजेश कुमार शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी
विकास भवन स्थित जिला समाज कल्याण कार्यालय। संवाद
विकास भवन स्थित जिला समाज कल्याण कार्यालय। संवाद
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