चाराें ओर से नदियां से घिरे खुटार ब्लाक के कई गांवों में पेयजल की समस्या उठ खड़ी हुई है। ऐसा सूखे और भूमिगत जल के अंधाधुंध दोहन से हुआ है। खुटार के दक्षिण में गोमती, पश्चिम में झुकना और गोमती, उत्तर और पूरब में कठिना नदी है। कठिना नदी तो बिल्कुल सूख चुकी है। झुकना भी अंतिम संासे ले रही है और गोमती की धार भी बंद होने की कगार पर पहुंच चुकी है। गत वर्ष पड़े सूखे ने हालत और विकराल कर दिए, लेकिन इसके बाद भी बड़े फार्मरों ने भारी क्षेत्रफल में साठा धान लगा रखा है और बिजली आते ही खेतों में लगे नलकूप पानी उगलने लगते हैं। साठा के कारण भूमिगत जल काफी नीचे चला गया और गांवों में लोगों के घर लगे कम गहराई वाले हैंडपंप मई में ही साथ छोड़ बैठे।
खुटार के गांव दिलीपपुर में लोगों के घरों में लगे हैंडपंपों से पानी नहीं निकलने के कारण लोग गांव में लगे इंडिया मार्का हैंडपंपों पर आश्रित होकर रह गए हैं। गांव में लगे दो सरकारी हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिनमें लोग पशु बांधते हैं। इंडिया मार्का हैंडपंप पर पानी भरने के लिए लंबी लाइन लग रही है। इसके अलावा गांव रामपुर कलां में भी यही स्थित है। लोग सरकारी स्कूल में लगे हैंडपंप से पानी भर रहे हैं।
गांव में सचिव की तैनाती नहीं हो सकी है। जिस कारण कार्य बाधित है। खराब हैंडपंप जल्द सही करा दिए जाएंगे। केवल सिंह, प्रधान दिलीपपुर, खुटार