शाहजहांपुर के संकट मोचन मंदिर में नवरात्र के चौथे दिन मां दुर्गा की पूजा अर्चना करती महिलाएं ।
शाहजहांपुर। चैत्र नवरात्र के चौथे दिवस माता के कूष्मांडा स्वरूप की आराधना की गई। घरों व मंदिरों में दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा का पाठ हुए। देवी मंदिर में दर्शन के लिए भक्त पहुंच रहे। पूरे दिन भजन कीर्तन का दौर चला। मां कूष्मांडा को रोग और शोक दूर करने वाली माना जाता है। माता का वास सूर्यमंडल के भीतर लोक में है।
शनिवार को सुबह जल्दी उठकर श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और माता का दर्शन किया। शहर के फूलमती मंदिर, कालीबाड़ी मंदिर, दुर्गा माता, काली माता मंदिर समेत सभी मंदिरों में पूजा-अर्चना हुई। आरती के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इसी तरह से ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में भी श्रद्धालु देवी मां के दर्शन को पहुंचे।
सेहरामऊ स्थित जलिपा देवी मंदिर, जलालाबाद के तिकोला देवी मंदिर में तांता लगा रहा। आचार्य सत्यम दीक्षित ने बताया कि देवी मां के चौथे स्वरूप का आहवान या देवी सर्वभूतेषू मां कूष्मांडा रूपेण संस्थिता श्लोक के साथ करते हैं। यह रोग और शोक नाशिनी हैं। रविवार को देवी के पांचवें स्वरूप स्कंधमाता की आराधना की जाएगी।
शाहजहांपुर के संकट मोचन मंदिर में नवरात्र के चौथे दिन मां दुर्गा की पूजा अर्चना करती महिलाएं ।